Sitamarhi: मेहसौल रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की गति धीमी

Edited by DIGVIJAY SINGH
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करीब डेढ़ दशक से लटके नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत मेहसौल रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो पाना इस वर्ष भी असंभव सा लग रहा है.

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— चुनावी वर्ष होने से इस साल भी संभव नहीं लग रहा फाइनल निर्माण — अभी दर्जन भर पोलिंग का काम है बांकी Sitamarhi: सीतामढ़ी. करीब डेढ़ दशक से लटके नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत मेहसौल रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो पाना इस वर्ष भी असंभव सा लग रहा है. प्रभात खबर की टीम ने गुरुवार को एक बार फिर से मेहसौल आरओबी निर्माण कार्य की पड़ताल की, तो सामने आया कि पिछले करीब डेढ़-दो महीने से काम की गति बिल्कुल ही धीमी है. हालांकि, पुपरी रोड में एक बार फिर से पीलर निर्माण के लिये मशीनें लगायी गयी हैं, लेकिन आरओबी निर्माण के लिये लंबे समय से आंदोलन कर रहे अल्पसंख्यक एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो तनवीर अहमद व जिलाध्यक्ष मो मुर्तुजा से मिली जानकारी के अनुसार, अभी भी पुपरी रोड व सुरसंड रोड में करीब दर्जन भर पीलर का निर्माण कार्य बांकी है. सभी पीलरों के निर्माण के बाद छत ढ़लाई से संबंधित काम शुरू होगा. वहीं, पहुंचपथ का निर्माण आदि काम होना है. बताया कि अल्पसंख्यक एकता मंच लगातार इंजीनियर व अधिकारियों के संपर्क में है, ताकि जितनी जल्दी हो सके, आरओबी निर्माण कार्य पूरा हो सके, लेकिन निर्माण कार्य की जो रफ्तार देखने को मिल रही है, इससे यह बताने में कोई हिचक नहीं है कि कम से कम साल 2025 में आरओबी निर्माण कार्य संभव नहीं लग रहा है. जितना काम बांकी है, उसके मद्देनजर आरओबी निर्माण कार्य में अभी भी करीब साल-डेढ़ साल लग जायेंगे, जो शहर और जिलेवासियों के लिये निराशाजनक है. जबकि, सांसद और स्थानीय विधायक द्वारा इसी वर्ष चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ही आरओबी निर्माण कार्य पूरा कराने का दावा किया गया था. बताया कि आरओबी निर्माण कार्य लटके रहने के कारण आजाद चौक गुमटी व मेहसौल पश्चिमी गुमटी समेत आसपास के इलाके में शहर व जिलेवासियों को प्रतिदिन जाम की समस्या से जूझना पड़ता है. कहीं आग लग जाये, तो अग्निशामक गाड़ियों का जल्दबाजी में पहुंचना मुश्किल है. एंबुलेंस में सवार गंभीर मरीजों की जान जाने का खतरा बना रहता है. यहां तक कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी यदि इमरजेंसी में कहीं जाना है, तो वे जाम से बचकर आसानी से नहीं निकल सकते हैं. – अभी भी खाली कराना बांकी है कुछ अधिग्रहित जमीन बता दें कि अतिक्रमित व अधिग्रहित जमीन खाली नहीं रहने के कारण भी काम की गति धीमी बताया जा रहा था. इस संबंध में पिछले महीने प्रभात खबर में छपी रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन ने आरओबी निर्माण की दिशा में पहल करते हुए डुमरा सीओ डॉली कुमारी के नेतृत्व में पुपरी रोड व सुरसंड रोड में नगर निगम व पुलिस के सहयोग से अतिक्रमित व अधिग्रहित भूमि को बुल्डोजर कार्रवाई के जरिये खाली करवाया गया था. हालांकि, पुपरी रोड में एक साइड से अभी भी दर्जनों कंस्ट्रक्शन हैं, जिन्हें खाली कराना बांकी है. मो तनवीर अहमद ने बताया कि अभी भी करीब 35-40 फीसदी अधिग्रहित जमीन की मुआवजा राशि संबंधित व्यक्ति को नहीं मिल सका है. — दिसंबर तक पूरा कर लिया जायेगा निर्माण कार्य आरओबी निर्माण कार्य के क्रियान्वयन में फिर से तेजी लायी गयी है. इस वर्ष के अंत तक यानी दिसंबर तक आरओबी निर्माण कार्य पूरा कर लिया जायेगा. — रुबी, वरीय परियोजना निदेशक, पुल निगम.

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