बागवानी मिशन: जिले में इस वर्ष 150 हेक्टेयर में होगी केले की खेती, किसानों को मिलेगा अनुदान

Published by : VINAY PANDEY Updated At : 16 Jun 2025 7:01 PM

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मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत संचालित केला विकास योजना से जिले में इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में 150 हेक्टेयर में केला की खेती होगी.

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डुमरा. मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत संचालित केला विकास योजना से जिले में इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में 150 हेक्टेयर में केला की खेती होगी. जिसमे जी-9, चिनिया व मालभोग प्रभेद शामिल हैं. जिला उद्यान कार्यालय के अनुसार इस योजना को लेकर ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिया गया हैं. प्राप्त आवेदन के आधार पर स्वीकृति प्राप्त किसानों को अनुदानित दर पर केला का पौधा उपलब्ध कराया जायेगा. इसके लिए निदेशालय ने किसानों को 40 फीसदी अनुदान निर्धारित किया हैं. विभाग के अनुसार अबतक 170 हेक्टेयर के लिए किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया हैं. –चिनिया व मालभोग प्रभेद की बढ़ रही मांग केला के विभिन्न प्रभेदों में चिनिया व मालभोग प्रभेद की मांग जिले में बढ़ी हैं. उद्यान निदेशालय ने उक्त प्रभेद की बढ़ती मांग को देखते हुए किसानो को इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया हैं, ताकि किसान इससे अपना आमदनी बढ़ा सके. बताया गया हैं कि बाजार में चिनिया व मालभोग प्रभेद का मूल्य केला के अन्य प्रभेद से ज्यादा हैं. वहीं जी-9 प्रभेद को लेकर बताया गया हैं कि इस प्रभेद की खेती से किसान पारम्परिक केले की तुलना में कई गुणा अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. इसकी विशेषता हैं कि लगभग 9 से 10 माह में फल लग जाता हैं. –क्या कहते हैं अधिकारी उक्त तीनो प्रभेद के केला के लिए किसानो से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किया जा रहा हैं. इसके लिए चयनित किसानो को बागवानी के लिए लागत इकाई का 40 फीसदी अनुदान देय हैं. किसानो के आर्थिक उन्नति के लिए यह बेहतर अवसर हैं. —मो नेयाज अहमद, सहायक निदेशक उद्यान बॉक्स में —जिले में होगी नारियल बागवानी, लगेंगे 18 सौ पौधा डुमरा. उद्यानिक फसल के तहत जिले के अपरंपरागत क्षेत्र में अब दुनिया का सर्वाधिक उपयोगी नारियल प्रजाति कोकोस न्यूसीफेरा को विकसित किया जायेगा. नारियल विकास योजना के तहत शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में नारियल की बागवानी लगाने के लिए उद्यान निदेशालय ने इस वर्ष जिले में 18 सौ पौधा का लक्ष्य निर्धारित किया हैं. इस योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. बताया गया हैं कि नारियल विकास बोर्ड के माध्यम से सहायक निदेशक उद्यान को उपलब्ध होगा, फिर चयनित किसानों को नारियल पौधा प्राप्त करने से पूर्व 85 रुपया का 25 फीसदी राशि प्रति पौधा के अनुसार जमा करना होगा. बताया गया हैं कि उक्त योजना के तहत प्रति किसान न्यूनतम पांच तो अधिकतम प्रति हेक्टेयर 178 पौधा देय हैं.

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