16564 गन्ना किसानों को बकाए के भुगतान की उम्मीद जगी

Published by : VINAY PANDEY Updated At : 22 Jun 2025 6:54 PM

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रीगा चीनी मिल से जुड़े जिले के हजारों गन्ना किसानों का भुगतान वर्षों से अधर में लटका है. हालांकि अब भुगतान की उम्मीद जगी है. विभाग की पहल पर भुगतान के लिए डीएम रिची पांडेय के स्तर से ठोस कदम उठाया गया है.

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सीतामढ़ी. रीगा चीनी मिल से जुड़े जिले के हजारों गन्ना किसानों का भुगतान वर्षों से अधर में लटका है. हालांकि अब भुगतान की उम्मीद जगी है. विभाग की पहल पर भुगतान के लिए डीएम रिची पांडेय के स्तर से ठोस कदम उठाया गया है. दरअसल, डीएम द्वारा इस पूरे समस्या के समाधान के लिए तीन सदस्यीय एक टीम गठित की गई है. टीम में गन्ना अधिकारी, मुजफ्फरपुर सौरभ कुमार सिन्हा, एसडीसी निशिकांत व रीगा चीनी मिल के वरीय गन्ना प्रबंधक अमरेंद्र कुमार सिंह शामिल हैं. बताया गया है कि तीन वित्तीय वर्षों का गन्ना का मूल्य बकाया है. करीब 16654 किसानों का 51.30 करोड़ बकाए का मामला सामने आया है.

— डीबीटी के माध्यम से होगा भुगतान

उक्त आशय के पत्र में डीएम पांडेय ने कहा है कि गन्ना आयुक्त द्वारा रीगा चीनी मिल से जुड़े किसानों के पूर्व के वर्षों के लंबित गन्ना मूल्य का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में कराने को कहा गया है. विभाग से डीएम को संबंधित गन्ना किसानों के नामों व बकाए राशि की सूची उपलब्ध कराई गई है. डीएम ने डीएओ को किसानों का सत्यापन कराने की जिम्मेवारी सौंपी है. उन्हें प्रखंडवार कृषि समन्वयक एवं कृषि सलाहकार से उक्त सूची का सत्यापन कराकर गठित समिति को एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

— इन बिंदुओं का होना है सत्यापन

किसान सलाहकार व कृषि समन्वयक इसका गहन सत्यापन करेंगे कि सूची में शामिल किसान गन्ना की आपूर्ति करने वाले वास्तविक किसान है और उनका बकाया का दावा सही है. यह है देखेंगे कि दावेदार किसान जीवित हैं अथवा उनकी मृत्यु हो गयी है। यदि मृत्यु हो गयी है, तो मृत्यु प्रमाण-पत्र एवं उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र का सत्यापन कर समिति को उपलब्ध करायेंगे. डीएम ने कहा है कि यदि किसान का पूर्व में चीनी मिल का खाता फ्रीज होगा, तो उनसे खाता एवं विवरण प्राप्त कर उसमें राशि के भुगतान की अनुशंसा कर समिति को उपलब्ध कराएंगे.

— कहते है चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक

रीगा चीनी मिल के वरीय गन्ना प्रबंधक अमरेंद्र कुमार सिंह ने बकाए के भुगतान के लिए टीम गठित किए जाने की पुष्टि की है. बताया कि वित्तीय वर्ष- 2017-18 के नौ किसानों का एक लाख 18 हजार 635 रुपए बकाया है, जबकि वर्ष- 2018-19 के 8199 किसानों का 19,79,48,421 रुपया एवं वर्ष- 2019-20 के 8356 किसानों का 31,49,84,820 रुपए यानी कुल 16564 किसानों का 51,30,91,876 रुपए बकाया है, जिसका भुगतान किया जाना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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