बाल विवाह के खिलाफ सख्ती : तत्परता से नाबालिग का रुकवाया गया बाल विवाह
Published by : VINAY PANDEY Updated At : 15 Jun 2025 7:24 PM
पुलिस एवं एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (बचपन बचाओ आंदोलन) की तत्परता से एक नाबालिग लड़की (उम्र 16 वर्ष) एवं विवाह योग्य उम्र नहीं लड़के का बाल विवाह रविवार को रुकवाया गया
सीतामढ़ी. 20वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल(एसएसबी), पुलिस एवं एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (बचपन बचाओ आंदोलन) की तत्परता से एक नाबालिग लड़की (उम्र 16 वर्ष) एवं विवाह योग्य उम्र नहीं लड़के का बाल विवाह रविवार को रुकवाया गया. एसएसबी के जवानों ने कन्हौली थाना क्षेत्र के भारत-नेपाल सीमा मुरहाडीह में एक लड़के और लड़की को नेपाल की ओर संदिग्ध रूप से घूमते देखा. करीबी निगरानी करने पर जवानों ने भारतीय क्षेत्र में उन्हें रोक लिया. पूछताछ करने पर पता चला की दोनों रीगा प्रखंड के रहनेवाले हैं. बाल विवाह का मामला सत्यापित होने पर सहायक सेनानायक अमित सोनी के द्वारा मामले की जानकारी तुरंत कन्हौली थाना एवं एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन को देकर आवश्यक कार्रवाई आरंभ की गयी. जिसके बाद लड़के एवं लड़की के अभिभावकों को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी देकर बंध पत्र बनवाया गया एवं बाल विवाह करवाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गयी. इस संदर्भ में डीएसपी (मुख्यालय) सह नोडल पदाधिकारी विशेष किशोर पुलिस इकाई मो नजीब अनवर ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम पुरुषों के लिये न्यूनतम 21 वर्ष एवं लड़की के लिए 18 वर्ष निर्धारित करता है. बाल विवाह, शिक्षा, स्वास्थ्य और बचपन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. बाल विवाह निषेध अधिनियम के अन्तर्गत आर्थिक दंड के साथ कारावास की सजा का भी प्रावधान है. बाल विवाह रूकवाने में कन्हौली थाना के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी आनंद कुमार सिंह, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (बचपन बचाओ आंदोलन) के अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी एवं सशस्त्र सीमा बल के संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
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