बोखड़ा CHC अस्पताल से कबाड़ के साथ सरकारी दस्तावेज बेचने का आरोप, मचा हड़कंप
सीएचसी से ठेले पर बाहर ले जाए जा रहे सामान
Bokhra News: सीतामढ़ी के बोखड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से अस्पताल का कबाड़ और सरकारी दस्तावेज ठेले पर बाहर ले जाने के आरोप से हड़कंप मच गया. मामले में अस्पताल प्रबंधक और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के बयान भी अलग-अलग हैं.
Bokhra News: सीतामढ़ी जिले के बोखड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से गुरुवार को अस्पताल का कबाड़ और सरकारी दस्तावेज बाहर ले जाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. स्थानीय लोगों ने ठेले पर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाए जा रहे सामान को रोककर पूछताछ की. आरोप है कि लोहे के कबाड़ के साथ अस्पताल के रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण कागजात भी बोरियों में भरकर बाहर ले जाए जा रहे थे.
ठेले पर मिले रजिस्टर, कुर्सियों के बेस और अन्य सामान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अस्पताल परिसर से कुर्सियों के बेस, लोहे का सामान, सलाइन सेट के साथ रजिस्टर और दस्तावेजों से भरी बोरियां ठेले पर लादकर बाहर ले जाई जा रही थीं. स्थानीय लोगों ने जब ठेला रोका और सामान के बारे में पूछा तो मौके पर मौजूद लोग संतोषजनक जवाब नहीं दे सके.
लोगों का आरोप है कि यदि सरकारी रिकॉर्ड भी कबाड़ के साथ बेचे गए हैं तो इससे मरीजों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और सरकारी अभिलेख प्रभावित हो सकते हैं.
अस्पताल प्रबंधक और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अलग-अलग दावे
अस्पताल प्रबंधक दिलीप कुमार ने बताया कि लंबे समय से पड़े पुराने और अनुपयोगी सामान को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं अन्य कर्मियों की जानकारी में वीडियोग्राफी कराकर बेचा गया है.
वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दुर्गानंद झा ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने सामग्री बेचने से मना किया था. इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधक ने सामान बेच दिया. उन्होंने मामले की शिकायत वरीय अधिकारियों से करते हुए अस्पताल प्रबंधक से स्पष्टीकरण भी मांगा है.
यह भी पढ़ें: सीतामढ़ी में रोको-टोको अभियान तेज, अपराध नियंत्रण के लिए एसपी ने दिए सख्त निर्देश
कर्मचारियों ने कहा, नहीं दी गई थी कोई सूचना
डाटा ऑपरेटर बच्चा कांत मिश्रा, सुरक्षा कर्मियों समेत कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें किसी भी प्रकार की आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी. आरोप है कि विरोध करने पर सुरक्षा गार्ड को फटकार लगाकर वहां से हटा दिया गया.
कबाड़ खरीदने वाले व्यापारी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधक ने उसे बुलाया था और उसने करीब दो हजार रुपये में सामान खरीदा है.
जांच की मांग तेज, रिकॉर्ड सुरक्षा पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का दावा है कि बेची गई सामग्री की वास्तविक कीमत काफी अधिक हो सकती है. घटना के बाद अस्पताल की रिकॉर्ड सुरक्षा और सरकारी संपत्ति के रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं.
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










