Bihar Crime: हर्ष की हत्या में गिरफ्तार समीर का बड़ा खुलासा, पत्नी के भगाकर ले जाने से आक्रोश में था अरविंद राय

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सांकेतिक तस्वीर

Bihar Crime: सीतामढ़ी में 7 जून को रानी पुल के पास पेटी कॉन्ट्रेक्टर हर्ष कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने दो शूटरों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है. ये दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार भी की है.

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Bihar Crime: सीतामढ़ी स्थित डुमरा के कैलाशपुरी निवासी हर्ष कुमार की हत्या मामले में समीर कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. अब उसके माथे पर एक की हत्या का कलंक लग गया है. पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपित समीर ने हर्ष की हत्या की पूरी योजना का खुलासा कर दिया है. उसकी उम्र महज 19 वर्ष है. वह किसी गैंग में नहीं है, बल्कि उसके खुद का गैंग है. वह पहली बार किसी घटना (हर्ष की हत्या) को अंजाम दिया है. पूर्व से उसके खिलाफ किसी भी थाने में आपराधिक मामला दर्ज नहीं है.

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इंटर पास है शातिर समीर

अपराधी समीर उर्फ उज्जवल सुप्पी थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमरदह कला गांव के श्रीराम पासवान का पुत्र है. वह दो भाई व दो बहन है. पुलिस की पूछताछ में बताया है कि वह इंटर पास है. आर्थिक तंगी व मित्रों के प्रभाव में आकर वह अपराध जगत में पैर रखा. बताया है कि गत दिन पूर्व वह डुमरा थाना क्षेत्र के भीसा गांव के मित्र धनंजय कुमार के घर आया. वह उसे डुमरा हवाई मैदान में लाया. हवाई अड्डा मैदान में ही धनंजय चार अन्य लोगों को बुलाया और समीर का परिचय कराया. इन चारों में क्रमशः भीसा का अरविंद राय, उसका भाई विशाल राय, अनिल राय व बथनाहा थाना क्षेत्र के हरपुर भलहा का वीरेंद्र राय शामिल थे.

नेपाल में है अरविंद की पत्नी

अरविंद ने खुलासा किया कि पूर्व में हर्ष उसकी पत्नी को भगा कर ले गया था. पत्नी को पुलिस बरामद की थी. एक बार फिर हर्ष उसकी पत्नी को नेपाल ले गया और वही छुपा कर रखा है. इस घटना से वह दुखी है, समाज में उसकी प्रतिष्ठा नहीं बची है. इसी बीच, वहां मौजूद अरविंद के भाई विशाल ने हर्ष की हत्या की बात कही और इसके लिए चार लाख रुपये के साथ हथियार भी देने की बात कही. तब योजना बनी कि अरविंद तीनों भाई, समीर, धनंजय व वीरेंद्र मिलकर हत्या की घटना को अंजाम देंगे. सुपारी का चार लाख रुपया समीर, धनंजय कुमार व वीरेंद्र में बंटवारा होगा, तय हुआ.

पूरी योजना के साथ हर्ष की हत्या

मौके पर विशाल ने कहा कि हर्ष बथनाहा में रानी पुल के समीप मिट्टी का काम करता है. योजना के अनुसार धनंजय ने सात जून को समीर को भीसा बुलाया. उसे धनंजय का एक स्पलेंडर बाइक दिया गया. ये दोनों बथनाहा के लिए चले. इनसे आगे एक बाइक से विशाल, अरविंद व वीरेंद्र चले थे. विशाल के कहने पर समीर व धनंजय घटनास्थल के समीप पहुंचे. हर्ष के बारे में बताया गया. अरविंद व विशाल ने समीर, धनंजय राय व वीरेंद्र को एक-एक हथियार व गोली दिया. समीर व धनंजय ने बुलेट पर बैठे हर्ष कुमार पर फायरिंग की. तभी विशाल के कहने पर वीरेंद्र ने हर्ष को नजदीक से गोली मार दी. फरार होने के दौरान स्पलेंडर बाइक खराब हो गयी, जिसे छोड़कर वीरेंद्र पैदल ही फरार हो गया. इसके बाद सभी अपनी मोबाइल का स्विच ऑफ कर लिए थे. समीर ने पुलिस को बताया है कि हत्या के पूर्व एडवांस 50 हजार रुपये मिला था. पुलिसिया सूत्रों कि माने तो समीर कि गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा किया गया.

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