नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व शुरू

Published at :04 Nov 2016 5:35 AM (IST)
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नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व शुरू

सूर्योपासना का पर्व. चार दिवसीय छठ अनुष्ठान को ले घर-घर में चल रही तैयारी, खरना कल लाल जल व लाल फूल सूर्य को अर्पित करने से होता है चर्मरोग का नाश सीतामढ़ी : आज से नहाय-खाय के साथ लोक आस्था का चार दिवसीय छठ माहपर्व का शुभारंभ हो रहा है. मान्यता है कि जो भक्त […]

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सूर्योपासना का पर्व. चार दिवसीय छठ अनुष्ठान को ले घर-घर में चल रही तैयारी, खरना कल

लाल जल व लाल फूल सूर्य को अर्पित करने से होता है चर्मरोग का नाश
सीतामढ़ी : आज से नहाय-खाय के साथ लोक आस्था का चार दिवसीय छठ माहपर्व का शुभारंभ हो रहा है. मान्यता है कि जो भक्त परमसंयमित होकर व पवित्रता का पूर्ण ध्यान रखकर छठ व्रत करते हैं, उनकी हर मनोकामनाएं पूर्ण होती है. सबसे कठिन व पवित्र माना जाने वाले इस महाव्रत को करने वाले व्रती आज बाल धोकर स्नान करेंगे.
पवित्र निरामिस भोजन करने के बाद व्रत की शुरुआत करेंगे. शनिवार को व्रती निर्जला उपवास रखकर खरना का व्रत करेंगे. सायं काल में गम्हरी धान के चावल व गुड़ से निर्मित खीर का प्रसाद बनायेंगे और पूरे परिवार व सगे-संबंधियों की उपस्थिति में फूल, पान, धूप-दीप आदि से छठ माता की पूजा-अर्चना कर छठ माता से पूरे परिवार के लोगों के लिए आशीष मांगेंगे. बाद में प्रसाद ग्रहण करेंगे व पूरे परिवार के लोगों के बीच प्रसाद का वितरण करेंगे. व्रती रविवार को निर्जला उपवास रखकर विभिन्न नदी व तालाबों पर बने घाट पर विभिन्न प्रकार के फल व पकवान के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे. सोमवार को उसी फल व पकवान से उदीयमान सूर्य को अर्घ देंगे. इसके साथ ही छठ महापर्व का समापन हो जाएगा.
सायं 5:27 बजे सूर्यास्त, 6:27 बजे सूर्योदय: अर्घ्य देने के लिए व्रतियों में समय को लेकर असमंजस्य की स्थिति रहती है. इसलिए व्रतियों को सूर्यास्त व सूर्योदय का समय जानना जरूरी हो जाता है. साहित्याचार्य पंडित मुकेश कुमार मिश्रा के अनुसार रविवार को सायं 5:27 बजे सूर्यास्त व सोमवार को सुबह 6:34 बजे सूर्योदय का समय निर्धारित है, इसलिए निर्धारित समय पर अर्घ देना श्रेयस्कर होगा.
सूर्योपासना से होता है रोगों का नाश: स्कंद पुराण के अनुसार प्राचीन काल में एक राजा हुआ करते थे. पूर्व जन्म में किये गये कुकर्म के कारण वे कुष्ठ समेत अन्य कई रोगों से पीड़ित थे.
एक दिन अचानक एक धर्मज्ञ व विद्वान ब्राह्मण राजा के दरबार में आये. राजा ने उक्त ब्राह्मण से अपनी व्यथा बताते हुए शारीरिक कष्टों से मुक्ति का मार्ग पूछा. ब्राह्मण ने राजा से पूरी पवित्रता व संयमित होकर छठ महाव्रत करने की सलाह दी. ब्राह्मण की सलाह पर राजा ने पूरी निष्ठा व पवित्रता के साथ छठ व्रत रखकर सूर्योपासना की. इससे राजा का शारीरिक कष्ट दूर हो गया और वे खुशहाल जीवन बीताने लगे. पंडित श्री मिश्रा के अनुसार ऐसे भक्त जो चर्म रोग से पीड़ित हैं. उन्हें लाल जल व लाल फूल से सूर्य को जल अर्पित करनी चाहिए. ऐसा करने वालों का काया स्वस्थ्य हो जाता है. ऐसी मान्यता है.
रविवार को सायंकालीन सूर्य को अर्घ देंगे छठव्रती
सीतामढ़ी में खरीदारी करते लोग एवं शिवहर के गुदरी बाजार में दउरा-सूप की दुकान पर उमड़ी भीड़.
सूर्य की किरणों में चिकित्सकीय गुणों का भंडार: पुपरी . दुख दरिद्रता व रोग-नाश के लिए किया जाने वाला छठ महाव्रत आम प्रचलित व्रतों में सबसे कठिन व पवित्र माना जाता है. पंडित रामकृष्ण झा, रत्नेश्वर पाठक व शक्तिनाथ पाठक के अनुसार वाराह पुराण, कर्म पुराण, गरूर पुराण व आदित्य पुराण में इस व्रत को करने से दुख, दरिद्रता व रोगों के नाश होने की बात कही गयी है. गीता में श्री कृष्ण ने सूर्य को अपना रूप बताया है. सूर्य को प्रकृति का छठा अंश कहा गया है, इसलिए इस व्रत का नाम सूर्य षष्ठी पड़ा. भविष्यीत पुराण में वर्णित कथा के अनुसार इस व्रत को करने से च्यवन ऋषि वृद्ध से युवा हो गये थे.
पांडवों ने भी राज्य की कुशलता के लिए सूर्योपासना किया था. शास्त्रों में सूर्य को ऋषि कश्यप व माता अदिति का पुत्र कहा गया है. सूर्य श्वेत कमल व चक्र धारण करते हैं. सूर्य तीनों तापों के नाशक, सृष्टिकर्ता व धरती के सारे पीड़ा को हरने वाले हैं. वे प्रचंड तेजस्वी, वेगवान व सारे शोकों के अधिपति कहे गये हैं. सूर्य अभय, मोक्षदायिनी व मनुष्यों में धर्म की वृद्धि करने वाले कहे गये हैं. सूर्य को संसार का रक्षक भी कहा गया है. सूर्य हिंदुओं के अलावा मुसलमानों में भी लोकप्रिय है. सूर्य की किरणों में चिकित्सीय गुणों का भंडार है. इरान आदि देशों में भी सूर्य पूजा की परंपरा है. कोणार्क तक्षशीला भी सूर्योपासना के प्राचीन स्थल कहे गये हैं.
12 वर्षों बाद बन रहा सूर्य आनंद योग का संयोग
सांसद के नेतृत्व में छठ घाट की सफाई: सीतामढ़ी . राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सांसद राम कुमार शर्मा के नेतृत्व में छठ घाट की साफ-सफाई की गयी. इस क्रम में लखनदेई पुल के उत्तर छठ घाट पर सफाई अभियान चलाया गया. इस अवसर पर सांसद ने आम लोगों से छठ घाट को साफ सुथरा रखने में सहयोग करने की अपील की. अभियान में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष राम लक्षण सिंह कुशवाहा, सांसद प्रतिनिधि श्याम कुशवाहा, अमित सहाय, नागेंद्र कुशवाहा, संजीव प्रसाद, संजीर आलम मंसूरी, जितेंद्र मिश्र, उदय श्रीवास्तव, रिंकू कुमार, गोलू कुमार समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे.
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