यास्मीन साइबर कैफे का करती थी इस्तेमाल

Updated at :04 Aug 2016 1:34 AM
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यास्मीन साइबर कैफे का करती थी इस्तेमाल

दिल्ली व पटना की खुफिया टीम पहुंची सीतामढ़ी सीतामढ़ी : आइएस में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान जाने के दौरान दिल्ली में पकड़ी गयी यास्मीन की गतिविधियों की जांच शुरू हो गयी है. दिल्ली व पटना की खुफिया टीमें सीतामढ़ी पहुंच चुकी हैं, वो यहां यास्मीन की एक-एक गतिविधियों की जांच कर रही हैं. यास्मीन […]

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दिल्ली व पटना की खुफिया टीम पहुंची सीतामढ़ी

सीतामढ़ी : आइएस में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान जाने के दौरान दिल्ली में पकड़ी गयी यास्मीन की गतिविधियों की जांच शुरू हो गयी है. दिल्ली व पटना की खुफिया टीमें सीतामढ़ी पहुंच चुकी हैं, वो यहां यास्मीन की एक-एक गतिविधियों की जांच कर रही हैं. यास्मीन के पांच वर्षीय बेटे
का डेढ़ माह पहले पासपोर्ट बना था. साथ ही वो साइबर कैफे का इस्तेमाल करती थी.
यास्मीन साइबर कैफे…
इनकी जांच भी एजेंसियां कर रही हैं. स्थानीय पुलिस भी यास्मीन के पृष्ठभूमि को खंगाल रही है, लेकिन अब तक पुलिस के सामने यास्मीन के अतीत को लेकर कोई संदेहास्पद बात सामने नहीं आयी है. दिल्ली व पटना के अलावा स्थानीय स्तर पर तैनात खुफिया विभाग के अधिकारी भी यास्मीन से जुड़ी हर बात की तफ्तीश कर रहे हैं. बाजपट्टी थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार का कहना है कि यास्मीन को पासपोर्ट पहले से बना हुआ था. अभी हाल में वह ईद में घर आयी थी, तो पासपोर्ट वेरीफिकेशन के लिए आवेदन दी थी. यास्मीन के खिलाफ अब तक किसी तरह का आपित्तजनक मामला सामने नहीं आया था. इस कारण उसके पासपोर्ट वेरीफिकेशन में किसी तरह की समस्या नहीं हुई.
मामले की जांच में शामिल सूत्रों ने बताया कि यास्मीन पूरे योजनाबद्ध तरीके से अफगानिस्तान जा रही थी. कारण था कि वह अपने पांच वर्षीय पुत्र मो युसूफ का पासपोर्ट भी हाल में बना चुकी थी. डाक विभाग से यास्मीन को बेटे का पोसपोर्ट 27 जून 2016 को मिला था. पासपोर्ट उसके पैतृक गांव मोरौल आया था.
साइबर कैफे की होगी जांच
दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त यास्मीन को जानने वाले बताते है कि वह लैप टॉप व स्मार्ट फोन लेकर चलती थी. जांच एजेंसी के सामने यह भी बात आयी है कि यास्मीन अक्सर सीतामढ़ी आती थी. वह अपने गांव मोरौल के अलावा नगर थाना अंतर्गत राजोपट्टी गांव में अपने छोटे भाई के ससुराल अक्सर आती-जाती थी. चर्चा है कि बाजपट्टी व राजोपट्टी में खराब नेटवर्क के कारण वह साइबर कैफे का इस्तेमाल करती थी.
यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसी की जांच के दायरे में कई साइबर कैफे भी है. सुरक्षा एजेंसी को कई संदिग्ध ई-मेल आइडी व पासपोर्ट पर नजर है. यास्मीन ने अपने फुफेरे भाई मो छोटू से प्रेम-विवाह किया था. शादी के तीन-चार साल बाद 2014 में उसका तलाक हो गया था. यास्मीन का मोरौल गांव में मकान है. यास्मीन को दो अगस्त 2016 को यास्मीन दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है.
डेढ़ माह पहले बेटे का बना था पासपोर्ट
साइबर कैफे व पासपोर्ट की जांच शुरू
राजोपट्टी में अक्सर आती थी यास्मीन
लैपटॉप व स्मार्टफोन लेकर चलती थी साथ
मो छोटू से यास्मीन का हुआ था प्रेम विवाह
अब तक की जांच में कोई भी संदेहास्पद बात नहीं आयी सामने
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