केस का प्रभार नहीं लेने पर तत्कालीन एसडीपीओ फंसे

Updated at :29 Jul 2016 6:40 AM
विज्ञापन
केस का प्रभार नहीं लेने पर तत्कालीन एसडीपीओ फंसे

सीतामढ़ी : एसपी के आदेश की अवहेलना व केस का प्रभार नहीं लेने के मामले में बेलसंड के तत्कालीन एसडीपीओ द्वारिका पाल फंस गये हैं. गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है. मामला डुमरा थाना के कांड संख्या-16/14 से जुड़ा है. मामले में नगर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष उमेश […]

विज्ञापन

सीतामढ़ी : एसपी के आदेश की अवहेलना व केस का प्रभार नहीं लेने के मामले में बेलसंड के तत्कालीन एसडीपीओ द्वारिका पाल फंस गये हैं. गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है. मामला डुमरा थाना के कांड संख्या-16/14 से जुड़ा है.

मामले में नगर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष उमेश चंद्र तिवारी के आवेदन पर भादवि की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 07 08 2009 (13) (ए) भ्रष्टाचार निवारण व 65 आइटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसमें जिला परिवहन कार्यालय के तत्कालीन बड़ा बाबू रेवती रमण के अलावा नगर थाना के अमघट्टा गांव निवासी वीरेंद्र प्रसाद के पुत्र राजेश कुमार, मुकेश कुमार, रामपुर परोरी

केस का प्रभार
निवासी रामप्रीत महतो के पुत्र रंजन कुमार, शांति नगर निवासी विकास कुमार, रून्नीसैदपुर थाना के मानिक चौक निवासी राजीव कुमार, सोनबरसा के चिलरा गांव निवासी राजेश कुमार गुप्ता, मोहनपुर गांव निवासी सुजीत कुमार, कैलाशपुरी वार्ड संख्या-10 निवासी राजू श्रीवास्तव व रवि कुमार उर्फ बबलू श्रीवास्तव को आरोपित किया गया था.
वेंडरों के ठिकाने पर पड़ा था छापा
जिला परिवहन कार्यालय के कुछ कर्मियों की शह पर वेंडरों की ओर से बड़े पैमाने पर फर्जी कागजात व लाइसेंस बनाने का गोरखधंधा किया जा रहा था. तत्कालीन एसपी के निर्देश पर 14 जनवरी 2014 को नगर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में टीम का गठन कर धंधेबाजों के ठिकानों पर छापेमारी की गयी थी, जहां से भारी मात्रा में फर्जी कागजात व लाइसेंस बरामद किये गये थे.
तत्कालीन डीएसपी थे जांचकर्ता
कांड का अनुसंधान तत्कालीन डीएसपी मुख्यालय अमरेंद्र कुमार मिश्र कर रहे थे. श्री मिश्र की सेवानिवृत्ति के बाद एसपी ने श्री पाल को कांड का प्रभार ग्रहण करने का आदेश दिया गया, लेकिन उन्होंने प्रभार नहीं लिया व बिना स्वीकृति के ही छुट्टी पर चले गये. इसके लिए 27 मई को अपने बचाव में पक्ष रखने को कहा गया था.
आइजी जेएस गंगवार करेंगे जांच
गृह विभाग ने पाया कि श्री पाल की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं था. उन पर लगाये गये आरोप व बचाव में दिये गये जवाब की जांच का निर्णय लिया गया. श्री पाल के खिलाफ विभागीय जांच के लिए बिहार आर्थिक अपराध इकाई के आइजी जेएस गंगवार को संचालन पदाधिकारी बनाया गया है.
पांच पर आरोप का गठन
इस मामले में आरोपित राजेश कुमार, रंजन कुमार, राजीव कुमार, सुजीत कुमार एवं राजू श्रीवास्तव के खिलाफ कोर्ट में आरोप का गठन किया जा चुका है.
गृह विभाग ने शुरू की विभागीय कार्रवाई
बेलसंड के तत्कालीन एसडीपीओ
थे द्वारिका पाल
डुमरा थाना में दर्ज कांड का नहीं लिया था प्रभार
तत्कालीन नगर थानाध्यक्ष ने दर्ज करायी थी प्राथमिकी
परिवहन कार्यालय के कर्मी समेत दस पर दर्ज हुआ था केस
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन