जांच को कतरातीं महिलाएं

Updated at :04 Jun 2016 6:02 AM
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जांच को कतरातीं महिलाएं

असुविधा. जिले के जांच घरों में महिला टेक्नीशियन नहीं सीतामढ़ी : सरकार द्वारा सभी महत्वपूर्ण विभागों में महिलाओं की भागीदारी के लिए आरक्षण का प्रावधान किया है़ कई क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी दिख भी रही है़ परंतु कई ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी नगन्य है़ स्वास्थ्य विभाग इनमें से एक महत्वपूर्ण […]

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असुविधा. जिले के जांच घरों में महिला टेक्नीशियन नहीं

सीतामढ़ी : सरकार द्वारा सभी महत्वपूर्ण विभागों में महिलाओं की भागीदारी के लिए आरक्षण का प्रावधान किया है़ कई क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी दिख भी रही है़ परंतु कई ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी नगन्य है़ स्वास्थ्य विभाग इनमें से एक महत्वपूर्ण विभाग है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी कम है या नगन्य है़
स्वास्थ्य विभाग में सबसे महत्वपूर्ण है विभिन्न प्रकार की जांच़ इलाज शुरू होने से पूर्व सर्व प्रथम चिकित्सकों द्वारा जांच कराने की सलाह दी जाती है, ताकि बीमारी का पता चलने के बाद स्थिति के अनुसार इलाज शुरू की जा सके़
जिले के जांच घरों में महिला टेक्निशियनों का घोर अभाव है, जिसके चलते महिला मरीजों को लोक लाज का परित्याग कर पुरुष टेक्निशिनों से ही अपनी जांच करानी पड़ती है़ यदि किसी जांच घर में महिला कर्मी है भी तो औपचारिकता के लिए़
क्या है कारण
जांच घर संचालक पिंटू झा, मो आफताब आलम व मो शमीम की मानें, तो हमारे समाज में आज भी महिलाओं को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कैरियर बनाने से रोका जाता है़ इनका कहना है था कि इस क्षेत्र में महिला आना ही नहीं चाहती है़
मजबूरी वस यदि किसी गरीब घर की महिलाएं सीखना भी चाहती है, तो जब तक वह सीख कर काम करने के लायक होती है, तब तक उसकी शादी हो जाती है या किसी और कारण से काम छोड़ कर चली जाती है़ इस कारण जांच घर के संचालकों को महिला टेक्निशियन रखने में परेशानी हो रही है़ बताया कि जिले में इस प्रकार का माहौल भी अब तक नहीं बनाया गया है, इसलिए कोई जांच संचालक महिला टेक्निशियन को रखना भी नहीं चाहता है़ संचालकों को महिला टेक्निशियन रखने में कई प्रकार की आशंका के चलते डर भी लगता है़ सरकार द्वारा भी इस दिशा में कोई ठोस पहल अब तक नहीं की गयी है़
महिलाओं को होती है परेशानी
जिले के सरकारी व गैर सरकारी जांच घरों में महिला टेक्निशियनों के नहीं रहने के कारण महिला मरीजों को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन समेत विभिन्न प्रकार की जांच कराने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है़ महिलाओं को लोक लाज त्याग कर पुरुष टेक्निशियनों से ही जांच करानी पड़ती है़ इस संबंध में शहर की रहने वाली महिला गुड़िया देवी व नूतन देवी समेत अन्य का कहना है कि सरकार द्वारा जांच घरों में महिला टेक्निशियनों की व्यवस्था करनी चाहिए़ महिला टेक्निशयन के अभाव में महिला मरीजों को काफी परेशानियों का सामना कर जांच करानी पड़ती है़
मजबूरी नहीं होती, तो कोई भी महिला पुरुष टेक्निशियन से कभी भी जांच नहीं कराती़ इनका कहना था कि अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे समेत कई अन्य जांच कराने के लिए महिला मरीजों को पुरुष टेक्निशियनों के सामने लोक लाज को भंग करना पड़ता है़
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