डीएम के फटकार के बावजूद बंद है एमडीएम

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डीएम के फटकार के बावजूद बंद है एमडीएम प्राथमिक विद्यालय थरुहट का हालफोटो नंबर-2, 3 प्राथमिक विद्यालय थरुहट का अधूरा भवन व स्कूल परिसर में बैठे बच्चे व शिक्षिका. प्रतिनिधि, बोखड़ा. प्रखंड के स्कूलों में विभागीय लापरवाही के चलते प्रतिदिन एमडीएम बंद रहता है. कभी राशि तो कभी चावल के अभाव में तो कभी रसोइया […]

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डीएम के फटकार के बावजूद बंद है एमडीएम प्राथमिक विद्यालय थरुहट का हालफोटो नंबर-2, 3 प्राथमिक विद्यालय थरुहट का अधूरा भवन व स्कूल परिसर में बैठे बच्चे व शिक्षिका. प्रतिनिधि, बोखड़ा. प्रखंड के स्कूलों में विभागीय लापरवाही के चलते प्रतिदिन एमडीएम बंद रहता है. कभी राशि तो कभी चावल के अभाव में तो कभी रसोइया के नहीं आने के चलते एमडीएम ठप रहता है. प्राथमिक विद्यालय थरुहट में छह माह से एमडीएम बंद है. वही बीइओ रामवृक्ष सिंह को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. चावल है, पर राशि नहीं उक्त स्कूल में एमडीएम मद में चावल है, लेकिन राशि के अभाव में बच्चे एमडीएम से वंचित हैं. इसको लेकर विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं हैं. डीएम की सख्ती व फटकार के बावजूद अधिकारी एमडीएम की सुचारु व्यवस्था करने के प्रति गंभीर नहीं हो रहे हैं. दो माह जेब से चलाये एमडीएम शिक्षिका सोनी कुमारी ने कहा कि दो माह तक प्रधान शिक्षक अपने जेब से खर्च कर एमडीएम चलाये थे. जब वह पैसा नहीं मिला तब एमडीएम बनवाना छोड़ दिये. इसकी खबर विभाग को भी है. बावजूद राशि उपलब्ध नहीं करायी जा रही है. बताया कि गत दिन बीडीओ द्वारा स्कूल का निरीक्षण किया गया था. प्रधान ने उन्हें भी जानकारी दी थी कि राशि नहीं रहने के चलते एमडीएम बंद है. नामांकित 176, मौजूद थे 50 प्राथमिक विद्यालय थरुहट में 176 बच्चे नामांकित हैं. मंगलवार को करीब 50 बच्चे मौजूद थे. एमडीएम बंद रहने पर बच्चों की मौजूदगी प्रभावित होती है. आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे पढ़ाई कम, एमडीएम खाने के लिए ही स्कूल आते हैं और शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते यह भी नहीं मिल पा रहा है. प्रधान व शिक्षक नदारद मंगलवार को स्कूल से प्रधान शिक्षक व दो अन्य शिक्षक नदारद थे. इस संबंध में शिक्षिका सोनी कुमारी कुछ नहीं बता सकी. स्कूल का भवन भी तीन-चार वर्षों से लंबित है. ऐसी बात नहीं कि राशि नहीं है. सच्चाई यह है कि पूर्व प्रधान शिक्षक मो नसीम राशि की निकासी कर भवन को अधूरा छोड़ रिटायर भी हो गये. बाद में वे कहां चले गये, इसकी कोई खबर बीइओ व अन्य अधिकारियों को नहीं है. काफी खोजबीन के बाद जब पूर्व प्रधान मो नसीम का पता नहीं चला तो बीइओ ने उन्हें फरार घोषित कर जिला को रिपोर्ट कर दिया. क्या कहते हैं बीइओ छह माह से एमडीएम बंद रहने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है. एमडीएम बंद है तो इसके लिए प्रधान दोषी हैं. वे स्कूल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे.

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