भीसा गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

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भीसा गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव फोटो नंबर- 4 गंदा नाला, 5 मिट्टी से भरा नाला, 6 गांव की मुख्य सड़क पर लगी जाम व 7 बिना हेड का चापाकल — डुमरा प्रखंड के भीसा गांव का हाल डुमरा : प्रखंड के माधोपुर रौशन पंचायत स्थित भीसा गांव जिला मुख्यालय से करीब आधा किलोमीटर […]

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भीसा गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव फोटो नंबर- 4 गंदा नाला, 5 मिट्टी से भरा नाला, 6 गांव की मुख्य सड़क पर लगी जाम व 7 बिना हेड का चापाकल — डुमरा प्रखंड के भीसा गांव का हाल डुमरा : प्रखंड के माधोपुर रौशन पंचायत स्थित भीसा गांव जिला मुख्यालय से करीब आधा किलोमीटर पर स्थित है, पर यहां बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव देखा जा रहा है. दु: ख की बात यह है कि इस गांव की मुख्य सड़क से प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की दर्जनों गाडि़यां प्रति गुजरती है, पर यहां की समस्याओं पर विचार करने के लिए कोई तैयार नहीं है. खास बात यह है कि इस गांव के ईद-गिर्द भीसा हॉल्ट, डीएवी स्कूल, हेलेंस स्कूल समेत कई प्रतिष्ठित संस्थान है, जहां हजारों बच्चे प्रतिदिन पढ़ने जाते हैं. सड़क बेहद जर्जर हो चुकी है, पर किसी प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ओर नहीं जाती है. — अक्सर लगता है जाम दिन के आठ बजे के बाद मुजफ्फरपुर की ओर से आने वाली बड़ी वाहनों को नो इंट्री के चलते शहर में जाने से रोक है. इसके चलते सभी बड़ी गाडि़यां इसी गांव होकर आती-जाती है. खास कर डीएवी स्कूल की जब बसें निकलती है तो अक्सर जाम लग जाता है. इसके चलते घंटों आवागमन ठप हो जाती है. स्कूली बस भी घंटों जाम में फंसी रहती है. पैदल चलना भी मुश्किल होता है, पर इस पर विचार करने के लिए कोई तैयार नहीं. ऐसी स्थिति में गांव के लोगों को काफी परेशानी होती है, अक्सर किसी बड़ी घटना का आशंका भी बनी रहती है,पर लोग मजबूर बनें हुए है. — शौचालय व चापाकल का अभाव जिला मुख्यालय के समीप स्थित इस गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी भी समय पर नहीं मिल पाती है. यही कारण है कि यहां शौचालय व चापाकल का भी घोर अभाव है, जिसके चलते लोग सड़क किनारे शौच करने को मजबूर हैं. चापाकल के अभाव में पेयजल को इधर-उधर भटकना पड़ता है. भीसा चौक पर लगे एक चापाकल का हेड व हैंडिल के अभाव में महीनों से बेकार बना हुआ है, पर इसे देखने वाला कोई नहीं है. आसपास के दुकानदार उक्त चापाकल के पाइप से बिजली का अर्थिंग जोड़ने का काम करते हैं. — जल निकासी की समस्या गंभीर घनी आबादी वाली इस गांव में नाला का सर्वथा अभाव है, जिसके चलते सड़कों पर अक्सर पानी लगा रहता है. करीब 15 वर्ष पूर्व एक नाला बना था, जिसकी स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है. नाला गंदगी से भरा पड़ा है. नाले की पानी सड़क पर फैल जाती है. उससे निकले वाली गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बना रहता है, पर समाधान का कोई उपाय नहीं दिख रहा है. गांव के लोग कई बार वरीय अधिकारियों से शिकायत की गयी, पर अब तक कोई समाधान नहीं हो पाया है. — बिजली पोल लगा है, पर तार नहीं ग्रामीणों का कहना है कि इसमें कोई शक नहीं है कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति पहले से बेहतर हुई, पर इस गांव के लोगों के लिए यह सुविधा आज भी समस्या बनी हुई है. पूर्व से लगे विद्युत पोल बड़ी गाडि़यों की ठोकर से जर्जर हो चुकी है. हाल में विभाग की ओर से पोल तो लगाया गया है, पर उस पर अब तक तार नहीं लगा है, जिसके चलते लोगों को विद्युत की सुविधा नहीं मिल रही है. यहां अल्पसंख्यक समुदाय व गरीब तबके के लोगों की संख्या अच्छी-खासी है, पर एक भी सामुदायिक भवन तक नहीं है. गांव के समीप दो नगर है जो सुख चुकी है. एक भी सरकारी नलकूप चालू नहीं है, जिसके चलते किसानों के समक्ष सिंचाई की गंभीर समस्या उत्पन्न है.

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