बाल श्रमिक कानून की उड़ रही धज्जियां
बाल श्रमिक कानून की उड़ रही धज्जियां पुपरी. बचपन बचाव अभियान के तहत सरकार की ओर से कई कार्यक्रम चलाये जाते हैं, पर अनुमंडल क्षेत्र में धरातल पर कुछ और ही दिख रहा है. वही, होटलों, रेस्टुरेंट, गराज व दुकानों में छोटे-छोटे बच्चों को काम करते देखा जाता है. अधिकांश प्रतिष्ठानों में बड़े-बड़े नेता, जनप्रतिनिधि, […]
बाल श्रमिक कानून की उड़ रही धज्जियां पुपरी. बचपन बचाव अभियान के तहत सरकार की ओर से कई कार्यक्रम चलाये जाते हैं, पर अनुमंडल क्षेत्र में धरातल पर कुछ और ही दिख रहा है. वही, होटलों, रेस्टुरेंट, गराज व दुकानों में छोटे-छोटे बच्चों को काम करते देखा जाता है. अधिकांश प्रतिष्ठानों में बड़े-बड़े नेता, जनप्रतिनिधि, पुलिस व प्रशासन के लोगों को भी आना-जाना लगा रहता है, पर किसी की नजर इस बाल संरक्षण कानून की धज्जियां उड़ाये जाने पर नहीं पड़ती हैं. हर नेता व अधिकारी देश की विकास की बात करते हैं, पर देश के इस भविष्य को चंद पैसों की लालच में अपनी जिंदगी को बरबाद करता किसी को दिखाई नहीं पड़ता. अगर यही हाल रहा तो देश कभी विकसित नहीं हो पायेगा. नियमानुसार 14 साल तक के बच्चे को उपार्जन के लिए श्रम करवाना अभिभावक व प्रतिष्ठान के संचालक दोनों के लिए दंडनीय अपराध है, पर सैकड़ों ऐसे बालक हैं जो प्रतिदिन अनुमंडल क्षेत्र में मजदूरी करते हैं, पर इसे देखने वाला कोई नहीं है. दुखद है कि श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन, सामाजिक न्याय विभाग व चाइल्ड लाइन जैसे विभागों द्वारा कोई खास कदम नहीं उठाया जा रहा है ताकि बाल मजदूरी पर काबू पाया जा सके.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










