डॉक्टरों की टीम ने मां और उसके तीन बच्चों को बचाया
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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बची जान : हर 15 मिनट पर मरीजों को दी जा रही थी सूई सीतामढ़ी : बथनाहा प्रखंड के कोयली गांव की एक महिला व उसके तीनों बच्चों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया गया है. सदर अस्पताल में भरती चारों की गहन चिकित्सा के बाद डॉ पीपी लोहिया ने उसे बचा लिया […]
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बची जान : हर 15 मिनट पर मरीजों को दी जा रही थी सूई
सीतामढ़ी : बथनाहा प्रखंड के कोयली गांव की एक महिला व उसके तीनों बच्चों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया गया है. सदर अस्पताल में भरती चारों की गहन चिकित्सा के बाद डॉ पीपी लोहिया ने उसे बचा लिया है.
अब चारों स्वस्थ हो रहे हैं. अब भी चिकित्सक की निगरानी में है. बता दें कि कोयली की राजकुमारी देवी ने खुद थाइमेट खाने के साथ तीन बच्चों को थाइमेट का घोल पिला दी थी. परिजनों ने चारों को सदर अस्पताल में भरती कराया.
तीन एंबुलेंस भी तैयार
डॉ लोहिया ने इलाज शुरू करने के साथ तीन एंबुलेंस भी तैयार रखा था. यह सोच कर कि गहन चिकित्सा के बाद भी अगर मरीजों को राहत नहीं मिली तो रेफर कर दिया जायेगा.
वैसे उनकी मेहनत रंग लायी और लगातार तीन घंटे की चिकित्सा के बाद चारों को होश आ गया. सबसे पहले एक बच्च को होश आया. अस्पताल प्रबंधक शंभु शरण सिंह कहते हैं कि चारों मरीजों की इलाज के दौरान डॉ लोहिया मानों एक पैर पर खड़ा रहे थे.
अक्सर रेफर होते हैं मरीज
बताया गया है कि इस तरह के गंभीर मामले में चिकित्सक रिस्क लेना चाहते हैं, लेकिन बाद में किसी अनहोनी के चलते मरीज के परिजनों व उनके शुभचिंतकों द्वारा हल्ला-हंगामा किये जाने के चलते चिकित्सक रेफर कर देते हैं. ऐसा कई बार हुआ है कि मरीज के परिजन मदद किये हैं तो अस्पताल में मरीज ठीक हो गया है तो कई मरीज रेफर किये जाने पर रास्ते में दम तोड़ चुके हैं.
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