कलेक्ट्रेट गोलीकांड में सजायाफ्ता नेताओं को जमानत

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पटना/सीतामढ़ी : सीतामढ़ी समाहरणालय गोली कांड के सभी सजायाफ्ता नेताओं की बड़ी राहत मिली है. पटना उच्च न्यायालय ने दो पूर्व सांसद व एक विधायक समेत सभी 15 को अंतरिम जमानत दे दी है. न्यायाधीश गोपाल प्रसाद की कोर्ट ने मंगलवार को ये फैसला सुनाया है. कोर्ट में जमानत के साथ अपील याचिका भी दाखिल […]

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पटना/सीतामढ़ी : सीतामढ़ी समाहरणालय गोली कांड के सभी सजायाफ्ता नेताओं की बड़ी राहत मिली है. पटना उच्च न्यायालय ने दो पूर्व सांसद व एक विधायक समेत सभी 15 को अंतरिम जमानत दे दी है.
न्यायाधीश गोपाल प्रसाद की कोर्ट ने मंगलवार को ये फैसला सुनाया है. कोर्ट में जमानत के साथ अपील याचिका भी दाखिल की गयी थी, जिस पर कोर्ट ने सुनवायी से इनकार कर दिया. ऐसा माना जा रहा है कि 24 को हाईकोर्ट ने जमानत के कागजात आयेंगे, तो 25 जून को मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा से सभी की रिहाई हो जायेगी.
मामले की सुनवाई करते हुये कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में सजायाफ्ता नेताओं की कांड में संलिप्तता प्रतीत नहीं होती है. कोर्ट की इस टिप्पणी को भी बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि शुरू से ही मामले में सजा पाये नेताओं की ओर से अपनी संलिप्तता नहीं होने का बयान दिया जाता रहा है. मामले में बीती चार जून को 17 साल के बाद सजा सुनायी गयी थी, जिसमें पूर्व सांसद नवल किशोर राय, अनवारुल हक, विधायक रामनरेश समेत 15 दोषियों को दस-दस साल की सजा सुनायी गयी थी.
घटना 11 अगस्त 1998 को हुई थी, तब जदयू व कम्यूनिस्ट पार्टी ने बाढ़ राहत समेत अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया था. नेता व कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर गये थे. स्थिति गंभीर देख प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए तत्कालीन डीएम रामनंदन प्रसाद के आदेश पर पुलिस की ओर से आंसू गैस छोड़े गये. फिर लाठी चार्ज किया गया था.
श्री प्रसाद के आदेश पर पुलिस ने आठ चक्र गोलियां चलायी थी, जिसमें पूर्व विधायक रामचरित्र राय, डॉ अयूब, मोनिफ अंसारी, महंत मंडल व रामपरी देवी की मौके पर ही मौत हो गयी थी. मामले में पूर्व सांसद नवल किशोर राय, मो अनवारूल हक व राजद नेता मनोज कुमार समेत 73 को आरोपित किया गया था. इनमें से 60 के खिलाफ आरोप गठन हुआ था.
दो पूर्व सांसदों समेत 15 को हुई थी दस साल की सजा
पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने की थी मुलाकात
दस साल की सजा होने के बाद सीतामढ़ी से नेताओं को मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा भेजा गया था, जहां पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी समेत विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने सजा पाये नेताओं से मुलाकात की थी.
इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी भी थे, जिन्होंने मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही थी. इसके अलावा अन्य दलों के नेताओं ने भी मामले को लेकर सवाल उठाये थे. वहीं, जेल में बंद पूर्व सांसद नवल किशोर राय ने मामले में तत्कालीन सीतामढ़ी डीएम व एसपी के खिलाफ मुकदमा चलाने को लेकर एक दिवसीय धरना व अनशन किया था.
हम निदरेष हैं, न्याय मिला
मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच में इलाजरत पूर्व सांसद मो अनवारूल हक ने कहा कि हम निदरेष हैं. हमें हाइकोर्ट से न्याय मिला, इससे काफी हर्ष हो रहा है. इसकी हमें उम्मीद भी थी.
अब हम गुरुवार को जेल से बाहर निकल जायेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 18 दिनों से जेल में हैं. राजद के प्रदेश महासचिव अभिराम पांडेय ने कहा कि हाइकोर्ट ने दूध का दूध और पानी का पानी अलग कर दिया है. इससे काफी खुशी हुई है. उनके साथ सीतामढ़ी के नानपुर के प्रखंड प्रमुख मुकेश यादव भी थे.
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