सीतामढ़ी : स्टिंग ऑपरेशन में फंसे कांग्रेस रालोसपा और भाजपा के सांसद
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Mar 2019 5:56 AM (IST)
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सीतामढ़ी : लोकसभा चुनाव से पहले सीतामढ़ी से राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के सांसद रामकुमार शर्मा, जालंधर से कांग्रेस सांसद संतोष सिंह चौधरी और घोसी से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर एक न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में फंस गये हैं. स्टिंग ऑपरेशन में तीनों सांसदों ने पैसों के लेन-देन की बात स्वीकारी है. रिपब्लिक भारत […]
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सीतामढ़ी : लोकसभा चुनाव से पहले सीतामढ़ी से राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के सांसद रामकुमार शर्मा, जालंधर से कांग्रेस सांसद संतोष सिंह चौधरी और घोसी से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर एक न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में फंस गये हैं.
स्टिंग ऑपरेशन में तीनों सांसदों ने पैसों के लेन-देन की बात स्वीकारी है. रिपब्लिक भारत न्यूज चैनल ने ‘ऑपरेशन बिकाऊ सांसद’ कार्यक्रम में इन तीनों सांसदों का खुलासा किया है. रालोसपा सांसद शर्मा ने 10 करोड़ रुपये लेने की बात स्वीकारी है.
कांग्रेस सांसद संतोष सिंह चौधरी वीडियो में रिपोर्टर से कह रहे हैं कि तुम हमें पैसा दो, हम तुम्हे फेवर करेंगे. चौधरी काम कराने के बदले में रैली की व्यवस्था, पोस्टर छपवाने और कार्यकर्ताओं को मैनेज करने की बात कह रहे हैं.
चौधरी ने स्वीकार किया है कि नोटबंदी के कारण धन मिलना बंद हो गया था. कोई भी राजनेता खतरा लेने को तैयार नहीं है. वसूली की प्रक्रिया अब डिजिटल हो गयी है, जो अनुबंधों के पिछली प्रक्रिया से अलग है. इसके तहत धन का लेन-देन आसानी से होता था.
वहीं, भाजपा सांसद राजभर भी पैसे के लेन-देन की बात कहते नजर आ रहे हैं. राजभर ने कहा कि पिछले चुनाव में 85 लाख रुपये लगा था. 5-5 करोड़ रुपये लगाने वाले मोदी लहर में चुनाव हार गये. वीडियो में वह कह रहे हैं कि काम ऐसे किया जाए कि कहीं फंसने की कोई गुंजाइश न हो. कैश न दीजिए, लेकिन चुनाव में काम करवा दीजिए. उन्होंने प्रचार के लिए मदद की बात कही.
रामकुमार शर्मा ने लिये थे पैसे और गाड़ी
स्टिंग ऑपरेशन में सीतामढ़ी से रालोसपा सांसद रामकुमार शर्मा 10 करोड़ रुपये लेने की बात स्वीकारते नजर आ रहे हैं. वे कहते हैं आंध्र के सांसदों को चुनाव जीतने के लिए 50 करोड़ रुपये चाहिए होते हैं, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं है. यहां 10 करोड़ में भी हमारा काम हो जाता है.
स्टिंग में उन्होंने स्वीकारा है कि एमसीआइ (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) के एक मामले को सॉल्व करने के लिए उन्हें काफी रुपये मिले थे, गाड़ी मिलती थी, ड्राइवर आता था गाड़ी लेकर. शर्मा कहते हैं कि पूरे देश में ऐसे काम कराने के लिए 25 से 30 अफसरों से हमारे संपर्क हैं. ये अफसर कोई भी काम करा देते हैं. वो कहते हैं कि हम चुनकर आये थे और हमारा पहला एजेंडा था- पैसा कमाना.
शर्मा बोले, सवाल पूछने के बदले नहीं लिये पैसे
रामकुमार शर्मा ने कहा कि स्टिं देखा है, लेकिन मैंने वैसा कुछ नहीं कहा है. मैंने ऐसे कहा है कि पांच, दस करोड़ चुनाव में खर्च होता है.
यह भी कहा था कि कोई और सांसद सवाल पूछने के बदले लेता होगा पांच, दस करोड़ रुपये. हम तो चार, पांच हजार रुपये कमाने वालेसांसद हैं. मैं कहीं से भी गलत नहीं हूं, ना हीं मैंने कभी किसी से कोई पैसे की मांग की है. मैंने सिर्फ जनकल्याण हित को रखते हुए ही संसद में सवाल किये हैं.
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