अपने भाई लंकेश के साथ संतोष गिरोह से जुड़ा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 May 2018 5:25 AM (IST)
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संतोष के टॉप 5 करीबी में शातिर ऋषि का नाम है शामिल सीतामढ़ी : सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी, गोपालगंज व दरभंगा जिला में निर्माण कंपनियों के आधा दर्जन से अधिक इंजीनियर हत्याकांड में आरोपित शातिर अपराधी ऋषि झा पहली बार किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने से पहले पुलिस की हत्थे चढ़ गया. रंगदारी नहीं देने […]
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संतोष के टॉप 5 करीबी में शातिर ऋषि का नाम है शामिल
सीतामढ़ी : सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी, गोपालगंज व दरभंगा जिला में निर्माण कंपनियों के आधा दर्जन से अधिक इंजीनियर हत्याकांड में आरोपित शातिर अपराधी ऋषि झा पहली बार किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने से पहले पुलिस की हत्थे चढ़ गया.
रंगदारी नहीं देने पर हत्या की घटना को अंजाम देने वाले ऋषि की गिरफ्तारी से जिला पुलिस व व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है. संतोष झा के टॉप-5 करीबी शागिर्दों में शामिल रहे ऋषि की गिरफ्तारी के बाद एसपी विकास बर्मन गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है. माना जा रहा है कि शहर में किसी बड़े आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए हथियार जमा किये जा रहे थे. इधर, ऋषि के बयान पर कचोर के मुखिया मुन्ना मिश्र की तलाश भी पुलिस कर रही है. छापेमारी के दौरान पत्नी ने मुन्ना के नेपाल जाने की बात पुलिस को बतायी है.
वाहन चेकिंग के बदले मोड से मिली सफलता: ऋषि झा की गिरफ्तारी का कारण वाहन चेकिंग का बदला मोड माना जा रहा है. नव पदस्थापित एसपी विकास बर्मन ने अपने योगदान के साथ सबसे पहले वाहन चेकिंग अभियान के मोड को बदला. उन्होंने डुमरा व नगर थाना में वाहन चेकिंग के लिए 6 प्वाइंट बनाया. जहां अधिकारी बदलते रहते है. ताकि किसी तरह की सेटिंग-गेटिंग का फायदा अपराधियों को नही मिल सका. यही कारण बना कि आशीष नामक अपने एक शागिर्द के साथ शातिर ऋषि पैंथर मोबाइल के हत्थे आसानी से चढ़ गया. जिसके बाद पुलिस ने किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने से पहले काबू कर लिया.
ऋषि का आपराधिक इतिहास: ऋषि ने पहली बार 11 दिसंबर 2010 को शातिर अपराधी मुकेश पाठक के साथ मोतिहारी जिला अंतर्गत मेहसी प्रखंड कार्यालय में घुस कर पुसाबाद बरहरवां के मुखिया चंद्रकिशोर ठाकुर उर्फ चुन्नू ठाकुर की हत्या गोली मार कर दी थी. जिसके बाद वह अपराध की दुनिया में रंगदारी नहीं मिलने पर मुकेश पाठक व संतोष झा के इशारे पर निर्माण कंपनियों के इंजीनियर व सुपरवाइजर की हत्या में आरोपित होता चला गया. सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर एनएच-77 का निर्माण कर रही सीएंडसी/जेबी से रंगदारी के रूप में 21.90 लाख रुपया वसूलने के बाद सीतामढ़ी पुलिस के हत्थे चढ़े ऋषि झा ने पुलिस को यह भी बताया था कि वह 19 मई 2012 को सीएंडसी/जेबी कंपनी के सुपरवाइजर संजय कुमार, गोपालगंज में गंडक नदी पर जादोपुर-मंगलपुर के बीच महासेतु के निर्माण में लगी हैदराबाद की वशिष्ठा कंपनी के सुपरवाइजर व बेलसंड के माड़र पुल का निर्माण कर रही सिंगला कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट इंजीनियर गया बख्स सिंह व विकास कुमार झा की हत्या में वह संलिप्त था.
पुलिस कर रही बेहतर काम
ऋषि झा की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है. जिले में आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है. ऋषि की गिरफ्तारी उसी की एक कड़ी है. आमलोगों के सहयोग से पुलिस बेहतर काम करेगी.
विकास बर्मन, एसपी
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