उपभोक्ता घर के अंदर के बजाय बाहर लगाएं बिजली का मीटर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :11 Jan 2018 6:15 AM (IST)
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घर बैठे मीटर रीडिंग से उपभोक्ता व विभाग दोनों को नुकसान मीटर बदलने का उपभोक्ता को नहीं लगता है अतिरिक्त शुल्क सीतामढ़ी : समय पर एवं सही तरीके से बिजली की मीटर की रीडिंग नहीं होने से उपभोक्ता के साथ-साथ विभाग को भी तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बहुत से उपभोक्ताओं की […]
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घर बैठे मीटर रीडिंग से उपभोक्ता व विभाग
दोनों को नुकसान
मीटर बदलने का उपभोक्ता को नहीं लगता है अतिरिक्त शुल्क
सीतामढ़ी : समय पर एवं सही तरीके से बिजली की मीटर की रीडिंग नहीं होने से उपभोक्ता के साथ-साथ विभाग को भी तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बहुत से उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि मीटर रीडर अनुमान से रीडिंग कर देते है, जिसके चलते उन्हें अधिक बिल जमा करना पड़ता है.
विभागीय कार्यपालक अभियंता विकास कुमार का कहना है कि विभाग 24 घंटा बिजली उपलब्ध कराने की स्थिति में है. ऐसे में उपभोक्ताओं के सहयोग के बिना यह संभव नहीं है. श्री कुमार ने उपभोक्ताओं से मीटर को घर के अंदर नहीं लगा कर डोर बेल के समीप लगाने का अनुरोध किया है. ताकि किसी तरह की बहानेबाजी कर अंदाज पर मीटर रीडिंग के परंपरा को खत्म किया जा सके.
कहा कि, इसके चलते विभाग व उपभोक्ता दोनों को परेशानी होती है. कंपनी की ओर से करीब-करीब हर घर में बिजली उपलब्ध करा दी गयी है. शेष घरों में यह सुविधा उपलब्ध हो, को लेकर तेजी से प्रयास किया जा रहा है.
पोल से मीटर तक का तार कटा नहीं हो
विभाग ने उपभोक्ता व खुद की परेशानी को दूर करने के लिए सख्त कदम उठाया है. यानी घरों के अंदर लगे मीटर को दरवाजे के सामने डोर बेल के स्थान पर लगाना है, ताकि समय पर व सही तरीके से मीटर की रीडिंग हो सके. पोल से मीटर तक का तार कटा नहीं होना चाहिए, अन्यथा संबंधित बिजली चोरी का मामला मान विभाग कार्रवाई कर सकता है. कार्यपालक अभियंता श्री कुमार ने उपभोक्ताओं से कहा है कि बिना सील वाले मीटर न लगाये. इसके अलावा बिना एमसीबी के मीटर नहीं लगाना है. मीटर बाहर लगाना है. श्री कुमार ने बताया कि अगर धूल, बारिश व अन्य कारणों से मीटर खराब होता है तो उसे विभाग बिना कोई अतिरिक्त शुल्क के बदलेगा. कारण की मीटर विभाग की संपत्ति होती है.
मिलेगी पर्याप्त बिजली बिल भी दें: अभियंता
विभाग का मानना है कि 24 घंटे बिजली की आपूर्ति का लक्ष्य है. यह तभी संभव है, जब मीटर की रीडिंग सही ढंग से हो और उसके अनुरूप िबल जारी हो एवं उपभोक्ता बिल का भुगतान करें. बहुत से घरों के बंद होने एवं किसी सदस्य के नहीं रहने के चलते मीटर रीडर घर बैठे ही रीडिंग कर लेते है. इससे रीडर को अनुचित लाभ होता है और बेवजह औसत रीडिंग विपत्र जारी कर दिया जाता है. फलतः विभाग को भी राजस्व का आकलन करने में परेशानी होती है. इस बात को कार्यपालक अभियंता श्री कुमार ने भी स्वीकार किया है.
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