बरबीघा में जीविका दीदियों की सफलता की कहानियां लिखने का प्रशिक्षण संपन्न, 33 सामुदायिक कैडरों ने लिया हिस्सा

Author Satyendra Kumar|Edited by Yuvraj Ratan
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल जीविका दीदी

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Sheikhpura News : बरबीघा प्रखंड में सामुदायिक कैडरों के लिए सफलता की कहानी लेखन पर एक दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया. इसका उद्देश्य जीविका से जुड़ी महिलाओं की प्रेरणादायक उपलब्धियों को उजागर करना था.

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Sheikhpura News : शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड स्थित जीविका दीदियों द्वारा संचालित सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र में सामुदायिक कैडरों के लिए सफलता की कहानी लेखन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य जीविका से जुड़ी महिलाओं की प्रेरणादायक उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से दस्तावेज़ित कर उन्हें समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था.

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33 सामुदायिक कैडरों ने लिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण में जिले के सभी छह प्रखंडों से कुल 33 सामुदायिक कैडरों ने भाग लिया. प्रतिभागियों को सफलता की कहानी लेखन के साथ-साथ प्रभावी फोटो और वीडियो निर्माण के व्यावहारिक टिप्स भी दिए गए, ताकि वे महिलाओं की उपलब्धियों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकें.

सफलता की कहानियां बनेंगी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा

प्रशिक्षक एवं जीविका, शेखपुरा के संचार प्रबंधक रवि केशरी ने बताया कि जीविका से जुड़ी महिलाएं सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन रही हैं. इन महिलाओं की सफलता की कहानियों को समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर प्रकाशित करने से अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिलेगी. इससे अधिक से अधिक महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी और समाज के विकास में अपनी भागीदारी निभाएंगी.

आर्थिक तंगी से निकलकर बनीं आत्मनिर्भर

उन्होंने बताया कि जीविका ने ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को छोटे-छोटे वित्तीय सहयोग के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ा है. जो महिलाएं कभी आर्थिक तंगी और बेबसी में जीवन यापन करती थीं, वे आज अपनी मेहनत से आय अर्जित कर परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही हैं. यही महिलाएं अब अपने गांव और समाज में दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं.

छोटे व्यवसायों से बदल रही महिलाओं की जिंदगी

जीविका से जुड़ी महिलाएं सब्जी और फल विक्रय, श्रृंगार सामग्री की दुकान, राशन दुकान, बकरी पालन, गौ पालन, आटा चक्की संचालन, सिलाई-कढ़ाई सहित कई छोटे व्यवसायों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं. इन सफल प्रयासों को व्यापक स्तर पर साझा करने के लिए जीविका उनकी प्रेरक कहानियां लोगों तक पहुंचाएगी.

नेतृत्व, बैंकिंग और आत्मविश्वास का भी मिला प्रशिक्षण

जीविका के माध्यम से महिलाओं ने केवल रोजगार ही नहीं पाया, बल्कि नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, प्रभावी संवाद कौशल, बैंकिंग, लेन-देन और लेखा-जोखा जैसे महत्वपूर्ण कौशल भी सीखे हैं. साथ ही वे अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति भी जागरूक हुई हैं. प्रशिक्षण के माध्यम से इन सफल महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों को समाज के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन को बेहतर बना सकें.

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