गया जी में 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय पीयूष को 7 घंटे बाद सकुशल निकाला, NDRF-SDRF के सफल रेस्क्यू से गांव में खुशी

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3 वर्ष के पीयूष को बोरवेल से सकुशल निकालने के बाद खुशी मनाते NDRF-SDRF के जवान, इनसेट में पीयूष

Gaya Ji News : गया जी जिले के फतेहपुर में 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय पीयूष को 7 घंटे के अथक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम ने सकुशल बाहर निकाला. इस सफल अभियान की हर तरफ सराहना हो रही है.

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Gaya Ji News : गया जी जिले के फतेहपुर प्रखंड के रंगून नगर में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक हादसे का सुखद अंत तब हुआ, जब करीब 7 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय पीयूष कुमार को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने सकुशल बाहर निकाल लिया. पीयूष बोरवेल में गिरने के बाद 30 फीट की गहराई में जाकर फंस गया था, रेस्क्यू के तुरंत बाद बच्चे को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर भेजा गया. पीयूष के सुरक्षित बाहर आने की खबर मिलते ही परिजनों समेत पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली.

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शाम 6:28 बजे खुले बोरवेल में गिरा था मासूम

जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:28 बजे पीयूष कुमार नल-जल योजना के लिए खोदे गए खुले बोरवेल में खेलते समय गिर गया था. घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. देखते ही देखते हजारों की संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और बच्चे की सलामती के लिए दुआ करने लगे.

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन ने मिलकर चलाया अभियान

रेस्क्यू अभियान जिला प्रशासन की निगरानी में चलाया गया. मौके पर वजीरगंज कैंप डीएसपी सुनील कुमार पांडेय, अंचलाधिकारी अमित सिंह, बीडीओ शशि भूषण साहू सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने अत्यंत सावधानी, धैर्य और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए लगातार प्रयास किया और आखिरकार बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की.

मौके पर मौजूद स्थानीय अधिकारी
मौके पर मौजूद स्थानीय अधिकारी

रेस्क्यू के दौरान स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

रेस्क्यू अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही भी सामने आई. ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराए गए पांच ऑक्सीजन सिलेंडरों में से चार खाली थे, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया. हालांकि स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया.

लापरवाही की जांच और कार्रवाई की तैयारी

मामले को गंभीरता से लेते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के एडीएम ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है. प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

बोरवेल से रेस्क्यू के बाद पीयूष की पहली तस्वीर
बोरवेल से रेस्क्यू के बाद पीयूष की पहली तस्वीर

सफल रेस्क्यू अभियान की हो रही सराहना

पीयूष कुमार के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद पूरे क्षेत्र में राहत और खुशी का माहौल है. ग्रामीणों ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के साहस, धैर्य और समर्पण की जमकर सराहना की. यह सफल रेस्क्यू अभियान पूरे गया जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.

अस्पताल में पीयूष का मेडिकल चेकअप करते डॉक्टर
अस्पताल में पीयूष का मेडिकल चेकअप करते डॉक्टर

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