स्पीडी ट्रायल सेल की सुस्ती पर नाराजगी

Updated at : 30 Sep 2016 2:49 AM (IST)
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स्पीडी ट्रायल सेल की सुस्ती पर नाराजगी

पुलिस व डॉक्टर की वजह से 500 केस लंबित शेखपुरा : जिला के न्यायालयों में पुलिस और डॉक्टर की वजह से लगभग एक सौ मामले न्यायालय में न्याय की बाट जोह रहा है. जिसमें 390 मामले तो अभी पुलिस थाना में दर्ज होने का इंतजार कर रहा है. तथा 100 आपराधिक मामले डॉक्टर व पुलिस […]

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पुलिस व डॉक्टर की वजह से 500 केस लंबित

शेखपुरा : जिला के न्यायालयों में पुलिस और डॉक्टर की वजह से लगभग एक सौ मामले न्यायालय में न्याय की बाट जोह रहा है. जिसमें 390 मामले तो अभी पुलिस थाना में दर्ज होने का इंतजार कर रहा है. तथा 100 आपराधिक मामले डॉक्टर व पुलिस पदाधिकारी के गवाह के लिए लंबित है, जिसमें से 60 मामले गंभीर प्रकृति के सत्र वाद भी शामिल है. 40 आपराधिक मामले छोटे-छोटे वादों के है. जिला जज आलोक कुमार पांडेय ने इन सभी मामलों को सूचीबद्ध कर त्वरित कार्रवाई के लिए एसपी राजेंद्र कुमार भील को सुपुर्द किया है. जिला जज जिला विधिक मॉनिटरिंग सेल की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे.
जिला न्यायालय में आयोजित इस बैठक में एसपी राजेंद्र कुमार भील, एडीएम जवाहर लाल सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ एमपी सिंह,पीपी उदय नारायण सिन्हा, जिला विशिघ संघ के अध्यख विनोद कुमार सिंह, चंद्रमौलेश्वर प्रसाद, नगर पर्षद के प्रतिनिधि आदि मौजूद थे. बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सभी पदाधिकारी को चेतावनी दी गयी है कि अगली बैठक से गायब रहने के बाद उनके खिलाफ पटना उच्च न्यायालय को लिखा जायेगा.
बैठक की जानकारी देते हुए जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बैठक में चर्चा की गयी कि जख्म प्रतिवेदन के ही किये जा रहे हैं. पुलिस द्वारा स्थापित न्यायालय में संचालित स्पीडी ट्रायल सेल के सुस्ती पर भी नाराजगी प्रकट की गयी. स्पीडी ट्रायल के मामले में इसी कारण तेजी नहीं देखी जा रही है. बरबीघा व शेखपुरा थाना छोड़ कर वादी सभी थाना द्वारा न्यायालय द्वारा भेजे गये परिवाद के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अनुमोदन शुरू किया गया है,
परंतु जिले के ये दोनों थाना को इस मामले में तेजी लाने को कहा गया. जिला विधिक मॉनिटरिंग सेल की बैठक में कोर्ट परिसर की सुरक्षा तथा न्यायिक अधिकारियों के सुरक्षा पर भी विचार विमर्श किया गया. पटनरा उच्च न्यायालय तथा गृह विभाग के संयुक्त आदेश के अंतर्गत आपराधिक मामलों के विचारण करने वाले न्यायिक अधिकारी को सुरक्षा गार्ड अनिवार्य रूप से दिये जाने की बात की गयी. साथ ही नगर क्षेत्र में लगने वाले महाजाम पर भी चर्चा की गयी.
जिसके कारण जिला जज सहित न्यायिक अधिकारी को न्यायालय आने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि इस समस्या को दूर करने के लिए जिला मुख्यालय में स्थित बैंकों के साथ वार्ता कर रणनीति बनायी जा रही है. उधर सुरक्षा के मामले में एसपी ने बैठक में पुलिस जवान की कमी बतायी. बैठक में उपस्थित नगर परिषद् के प्रतिनिधि को न्यायालय परिसर में वृहत पैमाने पर फॉगिंग करवाने तथा जलजमाव वाले क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव करने को कहा गया है.
बैठक में बताया गया कि न्यायालय में ऊपर की मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इस मामले में टेंडर का काम पूरा हो गया है. इसी प्रकार मुकदमा लड़ने आने वाले लोगों को ठहरने के लिए बनाये जाने वाले शेड निर्माण की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. बैठक में जिले में न्यायिक प्रक्रिया की सुगमता से निष्पादन के लिए कई उपायों पर विस्तार से चर्चा की गयी.
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