आक्रोशित लोगों ने िकया समाहरणालय का घेराव

Updated at : 31 Aug 2016 4:23 AM (IST)
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आक्रोशित लोगों ने िकया समाहरणालय का घेराव

आक्रोश. डीएम चेंबर के बाहर सैकड़ों महिलाओं ने किया प्रदर्शन शेखपुरा : टाल क्षेत्र के घाटकुसुुम्भा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की लंबे समय से मांग कर रहे ग्रामीणों ने मंगलवार को उग्र रूप धारण कर लिया. इस मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने समाहरणालय का घेराव कर जम कर आक्रोश प्रकट किया. […]

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आक्रोश. डीएम चेंबर के बाहर सैकड़ों महिलाओं ने किया प्रदर्शन

शेखपुरा : टाल क्षेत्र के घाटकुसुुम्भा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की लंबे समय से मांग कर रहे ग्रामीणों ने मंगलवार को उग्र रूप धारण कर लिया. इस मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने समाहरणालय का घेराव कर जम कर आक्रोश प्रकट किया.
माफो पंचायत समेत प्रखंड के अन्य गांवों की महिलाओं ने अपनी बात रखने के लिए डीएम चेंबर के बाहर ही डेरा डाल दिया. मौके पर सुरक्षा कर्मी वहां पहुंचे तब काफी मशक्कत के बाद भीड़ को नीचे उतारा. ग्रामीणों ने बताया कि माफो पंचायत समेत घाटकुसुम्भा के एक दर्जन गांव बाढ़ से ग्रस्त है. जब ये गांव पटना और नालंदा जिले का हिस्सा रहे तब बाढ़ क्षेत्र घोषित होने के साथ कई प्रकार के लाभ भी मिलते थे.
लेकिन अब कोई सहायता नहीं मिल रही है. पानी से घिरे गांव में नाव तक की व्यवस्था भी नहीं है. लोग किराया चुका कर यात्रा कर रहे हैं. इन गांवों को चिकित्सा, खाद्य तो दूर पशुओं को भी चारा नहीं मिल रहा है. बाढ़ के इस आपदा में कई चापाकल पानी में डूब गये है. लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं. मंगलवार की दोपहर पहुंचे करीब एक हजार आंदोलनकारियों से समाहरणालय पूरी तरह भरा रहा.
इस दौरान स्थानीय ग्रामीण बढ़े लाल सिंह के नेतृत्व में चार सदस्य शिष्टमंडल जिलाधिकारी दिनेश प्रसाद से मिला. डीएम ने अविलंब पशु चारा, खाद्य समेत अन्य राहत सामग्री ग्रामीणों को मुहैया कराने का आश्वासन दिया. लेकिन ग्रामीण एक बार फिर सार्वजनिक रूप से जिलाधिकारी द्वारा घोषणा करने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे. आखिरकार जिलाधिकारी के निर्देश पर डीडीसी निरंजन कुमार झा ने प्रावधान के अनुसार सारे राहत कार्य चलाने और सरकारी लाभ देने की बात कही. मौके पर ग्रामीणों में अंजनी सिंह, संटू कुमार, बीरो महतो,
नवल महतो, धीरेंद्र राज, उदय राज समेत अन्य लोगों ने कहा कि प्रशासन की दोहरी नीति के पीड़ित कई परिवार गांव के दूसरे लोगों के यहां शरण ले रहे हैं. बाढ़ से घिरे प्रखंड में अधिकारी जायजा लेने के नाम पर पिकनिक मना रहे हैं. जबकि बाढ़ से घिरे लोग फसल, मवेशी और घर की बरबादी के बाद भी राहत की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा सका. इधर, डीडीसी ने बताया कि राहत की दिशा में सारे आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं. किसी भी तरह जान-माल का नुकसान नहीं होने दिया जायेगा.
डीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजने का दिया आश्वासन
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