गंभीर रोगों के इलाज का प्रशिक्षण लेंगे चििकत्सक

Updated at : 26 Aug 2016 2:24 AM (IST)
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गंभीर रोगों के इलाज का प्रशिक्षण लेंगे चििकत्सक

दो दिनों तक ट्रीटमेंट करने की पढ़ाई करेंगे बिहारशरीफ : गंभीर बीमारियों की जांच से लेकर चिकित्सा के आधुनिक तकनीक सीखेंगे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी. गंभीर बीमारियों की सुगम तरीके से पहचान करने व चिकित्सा करने के लिए सरकार ने डॉक्टरों को विशेष ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की है. ताकि ट्रेंड चिकित्सक जटिल बीमारियों की आसानी […]

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दो दिनों तक ट्रीटमेंट करने की पढ़ाई करेंगे

बिहारशरीफ : गंभीर बीमारियों की जांच से लेकर चिकित्सा के आधुनिक तकनीक सीखेंगे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी. गंभीर बीमारियों की सुगम तरीके से पहचान करने व चिकित्सा करने के लिए सरकार ने डॉक्टरों को विशेष ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की है. ताकि ट्रेंड चिकित्सक जटिल बीमारियों की आसानी से पहचान कर सकें और उसका बेहतर ढंग से ट्रीटमेंट कर पायें. राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्ययोजना के मुताबिक जिले के एक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व एक प्रयोगशाला प्रावैधिकी को इसके गुर सिखाये जायेंगे.
इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार व परबलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित प्रयोगशाला प्रावैधिकी जगत नारायण सिंह को नामित किया है.
पीएमसीएच में आज से सीखेंगे गुर
पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में सदर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार व परबलपुर पीएचसी के प्रयोगशाला प्रावैधिकी जगतनारायण सिंह 26 अगस्त से ट्रनिंग प्राप्त करेंगे. जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट पदाधिकारी डॉ मनोरंजन कुमार ने बताया कि उक्त दोनों पीएमसीएच में 27 अगस्त तक रोग निगरानी सर्वेक्षण कार्यक्रम के तहत डायरिया एवं अन्य गंभीर बीमारियों से बचाव के गुर सीखेंगे.
पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा बीमारियों के लक्षण,बचाव व इलाज के आधुनिक टिप्स बताएंगे. सरकार की योजना है कि लोगों को गंभीर बीमारियों से सुलभ तरीके बचाव के लिए बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की. विशेषज्ञों द्वारा उक्त लोगों को इलाज के साथ-साथ सैंपल कलेक्शन करने की भी जानकारी दी जाएगी. ताकी ट्रेंड होने के बाद नियमानुसार र्सैपल का कलेक्शन जिले में करा सकें.
डॉ. मनोरंजन कुमार ने बताया कि रोग निगरानी सर्वेक्षण कार्यक्रम के तहत उक्त प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व प्रयोगशाला प्रावैधिकी को सैंपल कलेक्शन के अलावा ट्रांसपोर्टिंग के बारे में जानकारी दी जाएगी. ताकी संकलित सैंपल की जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला में सुलभ व सुरक्षित ढंग से भेजी जा सके.
जिले के डॉक्टरों को करेंगे ट्रेंड
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. कुमार ने बताया कि उक्त प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पटना में ट्रेनिंग प्राप्त करने के बाद जिले के हर पीएचसी के प्रभारियों व डॉक्टरों को इस बारे में प्रशिक्षित करने का काम करेंगे. ताकी हर पीएचसी के डॉक्टर इस बारे में पारंगत हो सकें. साथ ही हर पीएचसी,अनुमंडलीय,रेफरल व सदर अस्पताल के प्रयोगशाला प्रावैधिकी को भी ट्रेंड करने का काम किया जाएगा.
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