मधुमक्खीपालन से होगी अच्छी आमदनी
Updated at : 25 Aug 2016 3:59 AM (IST)
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सात दिवसीय मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण हरनौत : मधुमक्खी पालन कर लोग अपने आप पर निर्भर होकर अच्छी कमाई कर दूसरों को भी स्वस्थ रखने में सफल हो सकते हैं. मधुमक्खी पालन आज समय की मांग है. बेरोजगारी और शारीरिक परेशानी की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इस समस्या से उबरने के लिए […]
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सात दिवसीय मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण
हरनौत : मधुमक्खी पालन कर लोग अपने आप पर निर्भर होकर अच्छी कमाई कर दूसरों को भी स्वस्थ रखने में सफल हो सकते हैं. मधुमक्खी पालन आज समय की मांग है. बेरोजगारी और शारीरिक परेशानी की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इस समस्या से उबरने के लिए मधुमक्खी पालन बेहतर विकल्प हो सकता है. सात दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये 30 किसानों भाग लिया.स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र के हेड वैज्ञानिक डॉ संजीव कुमार ने कहा कि कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने का मधुमखी पालन बेहतर तरीका है.
आज बाजारों में शुद्ध मधु की मांग दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है. बताया कि आज भाग दौड़ की जिंदगी में लोग शारीरिक परिश्रम कम कर पाते हैं. जिसके चलते अधिकतर बीमारियों की जड़ पेट ही माना जाता है. लेकिन शहद पेट संबंधी बिमारियों के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है.
इसका नियमित सेवन करना चाहिए. इससे पेट का कब्ज भी खत्म हो जाता है. शहद पेट में अम्ल और गैस बनने से भी रोकता है.यह यकृत को हमेशा स्वास्थ्य बनाये रखता है. जिससे पाचन सही व प्रभावी बना रहता है.डॉ एन के सिंह ने प्रशिक्षकों को बताया कि अगर किसी को बुखार लगा हो तो एक गिलास पानी में 2 चम्मच शहद डालकर पीने से बहुत ही कम समय में आराम मिल जाता है.किसी को पायरिया हो जाय और मुंह से गंध निकले या दांतों में गढ्ढे बनने की अवस्था में एक चम्मच शहद लेने से प्रति जैवकीय गुण के कारण इन बीमारियों से भी निजात मिलता है.शहद के सेवन करने वालों को खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है. गर्भवती महिलाओं को शहद लेने से मानसिक तनाव भी कम होता है.
इससे बच्चे भी तंदुरुस्त होते है. शारीरिक मेहनत की कमी के कारण आजकल लोग मोटापा से ज्यादा परेशान हो रहे है. शहद व अंडे की जर्दी बराबर मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाने से चमक आती है और त्वचा भी मुलायम बानी रहती है. इसी प्रकार निंबू का रस में शहद मिला कर लगाने से चेहरे के छोटे छोटे धब्बे भी कम होते हैं.
शुष्क त्वचा के लिए 50 ग्राम शहद, 30 ग्राम पानी व 30 ग्राम आटा मिलाकर लगाने से चेहरा चमकदार एवं शरीर स्वस्थ्य रहता है. शहद व दूध बराबर मात्रा में मिला कर चेहरा पर लगाने से कम उम्र में ही बुढ़ापा जैसा दिखने वाला झुरियां भी नहीं पड़ती है.
साथ हीं बराबर मात्रा में खीरे का रस, शाहद को मिलाकर सुबह शाम लगाने से चेहरे का रौनक बानी रहती है.
5 शहद में पाये जाने वाले मुख्य अवयक
जल 20 %
ग्लूकोज 33%
फ्रुक्टोल 37%
सुक्रोस 2 %
अम्लता 0.187 %
लवण 0.187 %
प्रोटीन 0.556%
कौन कितना करें सेवन
शिशु 10से 15 ग्राम प्रति दिन
व्यस्क 30 से 35 ग्राम प्रति दिन
स्वस्थ्य 30 से 50 ग्राम प्रति दिन
वृद्ध 20 से 30 ग्राम प्रति दिन
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