आदेश. पत्थर उत्खनन में होगा विस्फोटक का इस्तेमाल प्रशासन ने दी हरी झंडी

Updated at : 28 Mar 2016 5:57 AM (IST)
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आदेश. पत्थर उत्खनन में होगा विस्फोटक का इस्तेमाल प्रशासन ने दी हरी झंडी

भूखंडों की निलामी को लेकर न्यूनतम दस करोड़ की राशि निर्धारित शेखपुरा : जिले की अर्थव्यवस्था से लेकर निर्माण कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले पत्थर उद्योग अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटती नजर आ रही है. जिले में नये सिरे से पहाड़ी भूखंडों की निलामी के साथ-साथ विस्फोटक के नियमित प्रयोग का भी रास्ता साफ […]

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भूखंडों की निलामी को लेकर न्यूनतम दस करोड़ की राशि निर्धारित

शेखपुरा : जिले की अर्थव्यवस्था से लेकर निर्माण कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले पत्थर उद्योग अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटती नजर आ रही है. जिले में नये सिरे से पहाड़ी भूखंडों की निलामी के साथ-साथ विस्फोटक के नियमित प्रयोग का भी रास्ता साफ हो गया है. बिहार-झारखंड के विस्फोटक नियंत्रण विभाग डीजीएमएस रांची से मिली स्वीकृति के आधार पर डीएम चंद्रशेखर सिंह एवं एसपी राजेंद्र कुमार भील ने भी शर्त पूरी करने वाली पटना की श्रृष्टि डेवलपर कंपनी के विस्फोटक आदेश की अरजी पर अपनी स्वीकृति की मुहर लगा दी.
विस्फोटक की अनुमति के बाद अब जिले में पत्थर उत्खनन का काम युद्ध स्तर पर शुरू होने की संभावनाएं बढ़ गयी है. करीब तीन साल बाद जिले में पत्थर उद्योग के चलते व्यवसायिक रौनक बढ़ने के साथ-साथ छोटे-छोटे कारोबार के लिए बैंकों के लिए भी अच्छे दिन आना तय माना जा रहा है. जिले में जब बैंक शाखाएं खुलने की बाढ़ सी आ गयी थी तब यहां पत्थर उद्योग ठप होने से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ने लगा था. इसी अर्थव्यवस्था की बदहाली ने शेखपुरा के नेता जितेंद्र नाथ के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन खड़ा हुआ, जिसका सकारात्मक परिणाम स्वरूप नये सिरे से रोजगारोन्मुखी पत्थर उद्योग स्थापित होने का रास्ता साफ हो गया.
श्रृष्टि डेवलपर को हरी झंडी :
जिले में नये सिरे से स्थापित हो रहे पत्थर उद्योग को लेकर 12.5 एकड़ पहाड़ी भूखंडों का प्रत्येक भूखंड तैयार किया गया है. इन भूखंडों की निलामी को लेकर न्यूनतम दस करोड़ की राशि निर्धारित की गयी थी. इस राशि को लेकर जिले में दो चरणों में अब तक 14 भूखंडों की निलामी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है.
खास बात यह है कि शेष बचे भूखंडों की निलामी को लेकर जब खरीदार नहीं जुटे तब निर्धारित राशि में कटौती करने का भी रास्ता अख्तियार करना पड़ा. जिले के मटोखर स्थित दनोइया पहाड़ी की बंदोबस्ती लेने वाले पटना की श्रृष्टि डेवलपर पहली ऐसी कंपनी है, जिसे डीजीएमएस रांची के बाद डीएम एवं एसपी ने भी विस्फोटक के लिए अनुमति दे दी.
क्या है विस्फोटक के नियम :
पत्थर उद्योग के लिए जिसे बड़ी राहत मान रही है. उस विस्फोटक की प्रक्रिया में कइ्र नियमों से गुजरना होगा. लाइसेंसी कंपनियों के लिए विस्फोटक की आमद के लिए सौ किमी की दूरी तक ही ट्रांसपोर्टिंग की सुविधा होगी. विस्फोटक लाने की सूचना डीएम, एसपी, माइनिंग ऑफिसर के लिए संबंधित सभी थानों को 72 घंटे पूर्व सूचना देना होगा.
इसके बाद विस्फोट के लिए ड्रील करने, विस्फोटक की मात्रा का उपयोग करने के लिए ड्रील करने, विस्फोटक की मात्रा का उपयोग करने तक की सभी नियमों का पालन करना होगा. साथ ही दिन के उजाले में प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी में विस्फोट करना होगा.
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