ePaper

जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र भवन में जीवन संवारने के लिए जोखिम उठा रहे नौनिहाल

Updated at : 18 Jun 2019 6:10 AM (IST)
विज्ञापन
जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र भवन में जीवन संवारने के लिए जोखिम उठा रहे नौनिहाल

शेखपुरा : सदर प्रखंड के पचना गांव में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 67 पर नौनिहाल अपने भविष्य संवारने के लिए जोखिम उठा रहे हैं. किसी बड़े हादसे से महरूम यह बच्चे अपनी उम्र की चंचलता में केंद्र के अंदर खेल-कूद और पढ़ाई के लिए लगभग चार घंटे रोजाना समय व्यतीत करते हैं. बड़ी बात यह है […]

विज्ञापन

शेखपुरा : सदर प्रखंड के पचना गांव में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 67 पर नौनिहाल अपने भविष्य संवारने के लिए जोखिम उठा रहे हैं. किसी बड़े हादसे से महरूम यह बच्चे अपनी उम्र की चंचलता में केंद्र के अंदर खेल-कूद और पढ़ाई के लिए लगभग चार घंटे रोजाना समय व्यतीत करते हैं. बड़ी बात यह है कि इस भवन की हालत ऐसी है कि यहां अंदर प्रवेश करने के लिए हिम्मत वाला व्यक्ति भी जोखिम उठाना मुनासिब नहीं समझेंगे. लेकिन जिला प्रशासन और विभाग की अनदेखी का यह आलम नौनिहालों को जोखिम उठाने को मजबूर कर रहा है

. आंगनबाड़ी केंद्र भवन को लेकर मौके पर पहुंचे स्थानीय पूर्व वार्ड सदस्य मनीष कुमार ने बताया कि करीब 15 साल पूर्व उक्त केंद्र भवन का निर्माण पूर्व सांसद स्वर्गीय राजो सिंह की पहल पर कराया गया था. लेकिन उक्त आंगनबाड़ी केंद्र भवन में न तो दरवाजा बच सका है और न ही खिड़कियां रह गयी है.
भवन- जमीन से लेकर छत भी पूरी तरह बदहाल हो चुका है. आये दिन छत से पपड़ी उखड़ कर जमीन पर गिरते हैं और हमेशा किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है. इसके बावजूद नियमित रूप से भवन में केंद्र का संचालन किया जा रहा है. सेविका बेबी कुमारी की अनुपस्थिति में केंद्र की सहायिका ललिता देवी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पहुंचे अधिकारियों को लगभग दो दर्जन बार भवन की जर्जर स्थिति से अवगत कराया गया है. कई बार विभाग को लिखित सूचना भी दी गयी है. इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है.
विधवा सहायका को नहीं मिल रहा मानदेय: आंगनबाड़ी केंद्र पर निष्ठापूर्वक कार्यों का निष्पादन कर रही सहायिका लीला देवी ने बताया कि केंद्र पर लगभग 10 वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन ढाई साल से लगातार मानदेय का लाभ नहीं मिल सका है. ऐसी परिस्थिति में पति की मृत्यु के बाद बेसहारा विधवा का परिवार के जीविकोपार्जन काफी मुश्किलों से हो रहा है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन