कमीशन लेकर लोन नहीं देने के आरोप में यूनियन बैंक मैनेजर गिरफ्तार

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कमीशन में मोटी रकम वसूल कर भी नहीं दिया ऋण, शिवहर यूनियन बैंक मैनेजर हुए गिरफ्तार

गिरफ्तार शिवहर यूनियन बैंक के मैनेजर संतोष कुमार, | Prabhat Khabar Network

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिवहर शाखा के मैनेजर संतोष कुमार को एक उद्यमी से कमीशन लेने और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 8 लाख का ऋण न देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. बैंक मैनेजर पर 2.80 लाख रुपये कमीशन मांगने का आरोप है.

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Sheohar News: उद्यमी से कथित तौर पर कमीशन लेने के बाद पीएमईजीपी योजना का ऋण नहीं देने और धोखाधड़ी करने के मामले में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिवहर शाखा के प्रबंधक संतोष कुमार को फतेहपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने जांच में आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए जाने के बाद सोमवार को कार्रवाई की. इसकी पुष्टि फतेहपुर थानाध्यक्ष राधेश्याम ने की है.

गिरफ्तार संतोष कुमार झारखंड के रांची जिले के सर्वेश्वरी नगर, बजरा गली नंबर-3 के निवासी हैं.

पीएमईजीपी योजना के तहत स्वीकृत हुआ था 8 लाख का ऋण

मामले के अनुसार फतेहपुर थाना क्षेत्र के कहतरवा गांव निवासी रौशन कुमार का यूनियन बैंक की शिवहर शाखा में 'हिमांशु कंप्यूटर' के नाम से चालू खाता है. शिकायत के अनुसार बैंक प्रबंधक ने उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत ऋण लेने की सलाह दी और 35 प्रतिशत सब्सिडी मिलने की जानकारी दी.

आवेदन के बाद उद्योग विभाग ने 8 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर बैंक को अग्रसारित किया था. इसमें 5 लाख रुपये टर्म लोन और 3 लाख रुपये कैश क्रेडिट (सीसी) के रूप में स्वीकृत थे.

35 प्रतिशत सब्सिडी की रकम कमीशन में मांगने का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधक ने 35 प्रतिशत सब्सिडी की राशि, यानी 2.80 लाख रुपये कमीशन के रूप में मांगे. मांग पूरी नहीं करने पर ऋण नहीं देने की बात कही गई.

आरोप है कि बाद में शाखा प्रबंधक ने दुकान का निरीक्षण करने के नाम पर 1.50 लाख रुपये लिए. इसके बाद कंपनी के नाम पर 40 हजार रुपये मार्जिन मनी भी जमा कराई गई. बावजूद इसके ऋण की राशि जारी नहीं हुई.

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई प्राथमिकी

पीड़ित ने मामले को लेकर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में परिवाद दायर किया था. अदालत के आदेश पर फतेहपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैंक प्रबंधक ने दूसरे के नाम पर कोटेशन पर भुगतान दिखाकर उसे रद्द कर दिया, जिससे उसे न ऋण मिला और उसका सिबिल स्कोर भी प्रभावित हुआ.

धमकी देने का भी लगाया आरोप

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कोर्ट जाने की बात कहने पर बैंक प्रबंधक और बैंक परिसर में रह रहे एक अन्य व्यक्ति ने उसे धमकाया. इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली. इसी मामले में पुलिस ने जांच के बाद शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया है.


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Manish Kumar Sing

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By Manish Kumar Sing

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