जिले को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लिया संकल्प

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मकर संक्रांति महोत्सव. उत्तरायण की ओर बढ़ चला है महिला साक्षरता अभियान
सासाराम ऑफिस़ कला, संस्कृति विभाग के तत्वावधान में फजलगंज स्थित बहुउद्देशीय हॉल में मकर संक्रांति महोत्सव के तहत सांस्कृतिक, प्रतियोगिता सह एक कदम संपूर्ण महिला साक्षरता की ओर कार्यक्रम का आयोजन हुआ़ इसका उद्घाटन जिलाधिकारी उदिता सिंह, उप विकास आयुक्त विजय कुमार पांडेय, कला संस्कृति विभाग के पदाधिकारी पंकज कुमार, डीइओ, डीपीओ सहित कई पदाधिकारियों ने दीप जलाकर किया. कार्यक्रम में डीएम ने कहा कि मकर संक्रांति के अवसर पर जिले में महिला साक्षरता की नयी यात्रा ‘एक कदम संपूर्ण महिला साक्षरता की ओर…’ विधिवत रुप शुरू हो गयी है, जो उत्तरायण की ओर बढ़ती महिला साक्षरता का शुभारंभ है. उन्होंने इसे केवल शैक्षणिक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकल्प करार दिया. डीएम ने कहा कि मकर संक्रांति नये संकल्पों का पर्व है और आज पूरा जिला यह प्रण ले रहा है कि हर महिला को साक्षर बनाया जायेगा. जब महिलाएं साक्षर होती है, तो परिवार की सही दिशा और दशा में उत्थान होता है : डीएम ने चीनी कहावत का हवाला देते हुए कहा कि एक साल सुधारना हो तो धान लगाइए, दस साल सुधारना हो तो पेड़ लगाइए़ लेकिन एक पीढ़ी सुधारनी हो, तो महिलाओं को साक्षर बनाना होगा. क्योंकि, जब महिलाएं साक्षर होती है, तो परिवार की सही दिशा और दशा दोनों में तेजी से उत्थान होता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि साक्षरता का अर्थ केवल पढ़-लिख लेना नहीं है, बल्कि आज के दौर के हिसाब से मोबाइल फोन, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़े काम स्वयं कर पाना है. इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और विशेष शिविरों को साक्षरता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है. टोला सेवक, तालिमी मरकज और शिक्षक अभियान में सक्रिय भूमिका निभायेंगे. महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण डीएम ने यह भी कहा कि शीघ्र ही जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी, ताकि पंचायत स्तर तक इस अभियान को गति दी जा सके. उन्होंने खासतौर पर महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जिले में लगभग 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व महिलाओं का है, जिससे लक्ष्य हासिल करना आसान होगा. उन्होंने जनप्रतिनिधियों सहित सभी से रोहतास जिले को नंबर वन नहीं, बल्कि शत-प्रतिशत साक्षर बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाने की अपील की. जिले की 37026 असाक्षर महिलाओं को साक्षर बनाने का लक्ष्य कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी मदर राय ने विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि 2011 की जनगणना में रोहतास बिहार का सर्वाधिक साक्षर जिला था़ इससे प्रेरणा लेकर पिछले आठ महीनों से व्यापक सर्वे कराया गया. प्रारंभिक सर्वे में करीब 64,862 महिलाएं असाक्षर चिह्नित हुईं. लेकिन जीविका, आंगनबाड़ी सेविका और वार्ड सदस्यों द्वारा पुनर्सत्यापन के बाद यह संख्या घटकर करीब 49,158 रह गयी. उन्होंने कहा कि विगत दिसंबर 2025 को आयोजित बुनियादी साक्षरता परीक्षा में करीब 28 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हुईं. इनमें से लगभग 14 हजार उत्तीर्ण होकर साक्षर घोषित की गयी. वर्तमान में करीब 37,026 महिलाएं शेष हैं, जिन्हें अगले चरण में मिशन मोड में साक्षर किया जायेगा. साहस, क्षमता, रचनात्मकता और ताकत का प्रतीक है साक्षरता जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता प्रियंका कुमारी ने साक्षरता शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि ‘स’ साहस का प्रतीक है, ‘क्ष’ क्षमता का, ‘र’ रचनात्मकता का और ‘ता’ ताकत का. उनके अनुसार साक्षरता केवल कौशल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का आधार है. कार्यक्रम का संचालन उच्चतर माध्यमिक स्कूल बेलाढ़ी की शिक्षिका उषा सिंह ने किया. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने आयोजन को जीवंत बना दिया.
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