Sasaram News : अवैध चिकित्सकीय संस्थानों में कोई घटना घटी, तो नपेंगे अनुमंडलीय नोडल पदाधिकारी

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Sasaram News : अवैध चिकित्सकीय संस्थानों में कोई घटना घटी, तो नपेंगे अनुमंडलीय नोडल पदाधिकारी

जिले में अवैध संचालित चिकित्सकीय सेवा संस्थानों में हो रही मौतों के मद्देनजर सिविल सर्जन ने प्रत्येक अनुमंडल के लिए एक अफसर को नोडल पदाधिकारी बनाया है.

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सासाराम कार्यालय. जिले में अवैध संचालित चिकित्सकीय सेवा संस्थानों में हो रही मौतों के मद्देनजर सिविल सर्जन ने प्रत्येक अनुमंडल के लिए एक अफसर को नोडल पदाधिकारी बनाया है. ये नोडल पदाधिकारी प्रत्येक माह अपने अनुमंडल क्षेत्र में पांच चिकित्सकीय संस्थानों की जांच करेंगे और सुस्पष्ट मंतव्य के साथ प्रतिवेदन सीएस को समर्पित करेंगे. उक्त प्रतिवेदन को डीएम के समक्ष कार्रवाई के लिए सीएस समर्पित करेंगे. हालांकि, यह आदेश सीएम ने गत नौ जुलाई को ही जारी कर दिया था. लेकिन, इसकी जानकारी सोमवार को सार्वजनिक की गयी. ज्ञापांक 1842 से जारी आदेश में असैनिक शल्य चिकित्सक पदाधिकारी सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा है कि अगर समुचित पर्यवेक्षण के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि के कारण किसी भी प्रकार की घटना घटती है, तो उसकी जवाबदेही अनुमंडलीय नोडल पदाधिकारी की होगी. आदेश पत्र के अनुसार अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह को बिक्रमगंज अनुमंडल का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है, तो जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ रामकेश्वर प्रसाद साहू को डेहरी अनुमंडल और सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आसित रंजन को सासाराम अनुमंडल का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. ये नोडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में बिना निबंधन अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर, पैथोलॉजी, जांच घर, अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक आदि की जांच करेंगे. और प्रत्येक माह कम से कम पांच संस्थानों की जांच कर रिपोर्ट देंगे. सीएस के इस आदेश से अवैध संचालित चिकित्सकीय सेवा संस्थानों पर बहुत हद तक प्रतिबंध लगने की उम्मीद की जा सकती है. प्रखंड स्तरीय अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारी को जांच का अधिकार है, लेकिन हाल के दिनों में अवैध संस्थानों में हुई मौतों पर उनकी कोई जवाबदेही तय नहीं थी. अब इनके ऊपर अनुमंडलीय नोडल पदाधिकारी के होने से अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर, पैथोलॉजी, जांच घर, अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक के संचालन पर रोक लगने की संभावना बढ़ गयी है.

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