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मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नौ जुलाई को हड़ताल

Updated at : 04 Jul 2025 5:02 PM (IST)
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मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नौ जुलाई को हड़ताल

मजदूर संगठन और महागठबंधन के नेता उतरेंगे सड़क पर

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मजदूर संगठन और महागठबंधन के नेता उतरेंगे सड़क पर

संगठन के सदस्यों ने तेलंगाना में मजदूरों की दर्दनाक मौत पर दी श्रद्धांजलिफोटो-8- आम हड़ताल को लेकर संयुक्त बैठक करते राजनीतिक पार्टियों के नेता व अन्य

प्रतिनिधि, सासाराम नगर.

देशभर में मजदूरों के अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की नौ जुलाई को होने वाली आम हड़ताल के समर्थन में मजदूर संगठनों, किसान संगठनों और महागठबंधन के घटक दलों की संयुक्त बैठक हुई. शुक्रवार को आयोजित संयुक्त बैठक की अध्यक्षता सीपीआइ एम राज्य कमेटी के वरिष्ठ नेता सत्तार अंसारी ने की. बैठक की शुरू होने से पहले तेलंगाना में हुई मजदूरों की दर्दनाक मौत पर एक मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गयी. इसके बाद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और नौ जुलाई की आम हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाने का संकल्प लिया. सत्तार अंसारी ने कहा कि हड़ताल के दिन सुबह 11:00 बजे कुशवाहा सभा भवन से एक जुलूस निकाला जायेगा, जो पोस्ट ऑफिस चौराहा पर जनसभा में तब्दील होगी. अंसारी ने कहा कि चार श्रम संहिताएं मजदूरों के अधिकारों का खुला हनन है. इससे काम के घंटे बढ़ेंगे, न्यूनतम मजदूरी की गारंटी समाप्त होगी और सामाजिक सुरक्षा कमजोर पड़ेगी. यह नीति कॉरपोरेट मालिकों को खुली छूट देती है कि वे जब चाहें मजदूरों को निकाल दें. मजदूर नेता नंदकिशोर पासवान ने बैठक में कहा कि अगर इन श्रम संहिताओं को अभी नहीं रोका गया, तो अगली पीढ़ी को इसका भारी नुकसान झेलना पड़ेगा. हमें हर स्तर पर इसका विरोध करना होगा.

अब वोटबंदी कर रही सरकार

वीआइपी के जिलाध्यक्ष विवेक सिंह कुशवाहा ने आर्थिक असमानता पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की 70 प्रतिशत संपत्ति महज पांच प्रतिशत लोगों के पास है, जबकि आधी आबादी के पास केवल तीन प्रतिशत पूंजी है. यह खुला आर्थिक और सामाजिक अन्याय है. राजद युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शिवांत कुशवाहा ने सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी की तरह अब सरकार वोटबंदी कर रही है. मजदूरों को लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था दोनों से बाहर किया जा रहा है. हड़ताल से पहले प्रखंडों और पंचायतों में पदयात्राएं, नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण के माध्यम से सरकार की नीतियों के खिलाफ जनमत तैयार किया जायेगा. बैठक में सोमनाथ सिंह यादव, अयोध्या राम, भगवान सिंह, महेंद्र राम, कामरेड भीम सिंह, शंभूनाथ पांडेय, जवाहरलाल सिंह, अशोक कुमार, राम अवतार पासवान सहित अन्य लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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