सासाराम के विचाराधीन कैदी की सदर अस्पताल में मौत, 21 मई को तबीयत बिगड़ने के बाद कैदी वार्ड में कराया गया था भर्ती
Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 23 May 2026 6:50 PM
ए आई द्वारा बनायी गयी तस्वीर
Sasaram News: रोहतास जिले के सासाराम मंडल कारा में बंद एक 40 वर्षीय विचाराधीन कैदी की शनिवार को सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक रोहतास थाना क्षेत्र के सतगलीया गांव का रहने वाला था. 21 मई की रात तबीयत बिगड़ने के बाद उसे सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था. सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन और जेल अधीक्षक सुजीत कुमार ने मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि परिजनों को सूचित कर दिया गया है और नियमों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
Sasaram News(जितेंद्र कुमार पासवान): रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम स्थित मंडल कारा (कारामंडल) में बंद एक विचाराधीन कैदी की शनिवार को सदर अस्पताल में इलाज के क्रम में मौत हो गई. घटना के बाद जेल प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. जेल प्रशासन की सूचना पर अस्पताल पहुंचे डॉक्टरों और अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
21 मई की रात अचानक बिगड़ी थी तबीयत, कैदी वार्ड में चल रहा था इलाज
मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए रोहतास के सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने बताया कि मृतक कैदी की पहचान रोहतास थाना क्षेत्र के सतगलीया गांव निवासी चंद्रदीप भुईया के 40 वर्षीय पुत्र के रूप में की गई है. वह एक आपराधिक मामले में सासाराम मंडल कारा में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद था.
बता दें कि बीते 21 मई की रात को जेल के भीतर ही उसकी तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई थी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रबंधन द्वारा उसे तुरंत आनन-फानन में सासाराम सदर अस्पताल के विशेष कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था. जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका लगातार इलाज चल रहा था, लेकिन शनिवार को इलाज के दौरान ही उसकी सांसें थम गईं.
परिजनों को दी गई सूचना, जेल मैनुअल के तहत होगी आगे की कार्रवाई
इस संबंध में सासाराम जेल अधीक्षक सुजीत कुमार ने बताया कि कैदी की स्थिति बिगड़ते ही उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया था, जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका.
जेल अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कैदी की मृत्यु की आधिकारिक सूचना उसके परिजनों को दे दी गई है. चूंकि मामला न्यायिक हिरासत में मौत से जुड़ा है, इसलिए नियम और जेल मैनुअल के अनुसार मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस मामले में आगे की सभी आवश्यक और वैधानिक कार्रवाई को पूरा करने में जुटी है.
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