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बिहार में शराब का विरोध हेडमास्टर को पड़ा महंगा, दबंग धंधेबाजों ने स्कूल में जड़ दिया ताला

Updated at : 25 Feb 2025 7:25 AM (IST)
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Liquor in Bihar

Liquor in Bihar

Liquor in Bihar: शिवसागर बीइओ राजेश कुमार सिंह के मोबाइल पर रिंग होने के बावजूद उनसे संपर्क नहीं हो सका. जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. वहीं, शिवसागर थानाध्यक्ष रितेश कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

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Liquor in Bihar: सासाराम, सुजीत कुमार. जिले के शिवसागर में स्कूल के बगल में शराब बनाने का विरोध करने पर धंधेबाजों ने स्कूल के कमरों के तालों में एमसील लगाकर बंद कर दिया. यह घटना रविवार की है. सोमवार को सेनुआर स्थित मध्य विद्यालय पहुंचे शिक्षक व छात्रों को इसका पता चला, तो वे सकते में आ गये. धंधेबाजों ने स्कूल के शिक्षकों के कमरों से लेकर वर्ग कक्ष तक के कमरों के तालों में एमसील लगा दिया था. इसके कारण वर्ग कक्ष नहीं खुल सका.

नाम बताने से परहेज कर रहे शिक्षक

स्कूल बंद होने की की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच तो शुरू की, पर कार्रवाई किसके खिलाफ करें? क्योंकि शिक्षकों से लेकर छात्रों के अभिभावक तक शराब धंधेबाजों का नाम बताने से परहेज कर रहे हैं. हां, इतना जरूर संकेत दिये हैं कि यह काम शराब धंधेबाजों का है. क्योंकि, हेडमास्टर व अन्य शिक्षक स्कूल के समीप शराब बनाने से उन्हें रोक रहे थे. इससे नोक-झोंक होते रहती थी.

मैदान में चला क्लास

इस संबंध में हेडमास्टर राधेश्याम सिंह ने बताया कि सुबह जब हमलोग स्कूल पहुंचे, तो सभी कमरों के तालों में एमसील लगा दिया गया था. कमरों के ताले नहीं खुलने से छात्रों की पढ़ाई बाधित हुई. हालांकि, थोड़ी देर में छात्रों का क्लास स्कूल के मैदान में शुरू की गयी. वहीं, तालों में लगे एमसील को गर्म कर हटाया गया. इसके बाद ताला खुल सका. उन्होंने बताया कि यह कार्य शराब के धंधेबाजों का हो सकता है.

गांव के ही हैं शराब धंधेबाज

10 फरवरी को भी इस तरह का कृत्य हुआ था. इसकी शिकायत पुलिस से की गयी थी. उन्होंने कहा कि शराब बनाने वालों का नाम मैं नहीं जानता. लेकिन, हमलोग उनका लगातार विरोध कर रहे थे. बात होने पर उनलोगों ने कहा था कि हमलोग यहां स्कूल चलने नहीं देंगे. वे लोग स्कूल परिसर में लगे पौधों को नष्ट कर दिये थे. इधर, नाम नहीं छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि शराब धंधेबाज गांव के ही हैं. वे दबंग हैं. स्कूल के बगल में शराब बनाने का काम करते हैं. यह ठीक नहीं है. पुलिस को इसके विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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