रोहतास: मुखिया निर्मला कुमारी ने वाराणसी के पंच सम्मेलन में बढ़ाया कोचस प्रखंड का मान, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने किया था आयोजन

कार्यक्रम में शामिल होने जाती मुखिया निर्मला कुमारी | Prabhat Khabar Network
रोहतास जिले की कोचस प्रखंड की मुखिया निर्मला कुमारी ने वाराणसी में आयोजित पहले 'पंच सम्मेलन' में हिस्सा लिया. यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था.
Kochas Panchayat Mukhiya Nirmala Kumari Rohtas : रोहतास जिला के कोचस प्रखंड के कथराई पंचायत की मुखिया निर्मला कुमारी ने देश के पहले भव्य "पंच सम्मेलन" में शामिल होकर कोचस प्रखंड का नाम रोशन किया है. 16 जुलाई को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया.
Rohtas News : ग्रामीण विकास मंत्रालय ने किया था आयोजन
यह सम्मेलन ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित किया गया था. कार्यक्रम का उद्देश्य "विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025" के तहत गांवों के समग्र विकास को गति देना और ग्रामीण विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारना था.
मुखिया निर्मला कुमारी ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य "विकसित ग्राम से विकसित भारत" के संकल्प को साकार करना था. इसमें पंचायत प्रतिनिधियों ने गांवों के विकास, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और स्थानीय स्तर पर नवाचार को लेकर अपने विचार साझा किए.
चार राज्यों के 500 पंचायत प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
सम्मेलन में बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड के करीब 500 ग्राम पंचायत प्रधान और मुखिया शामिल हुए. इसमें रोहतास जिले के पांच मुखिया समेत बिहार के विभिन्न जिलों से 75 पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
कोचस प्रखंड से मुखिया निर्मला कुमारी को एकमात्र पंचायत प्रतिनिधि के रूप में चयनित किया गया था. उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में पंचायतों के विकास मॉडल और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका बढ़ाने वाले प्रयासों पर चर्चा की गई.
केंद्रीय मंत्री और यूपी डिप्टी सीएम रहे मौजूद
मुखिया निर्मला कुमारी ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मौजूद रहे.
सम्मेलन में ग्राम प्रधानों और मुखियाओं ने अपने-अपने क्षेत्र के अनुभव साझा किए. साथ ही पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और ग्रामीणों की आय बढ़ाने वाले स्थानीय प्रयासों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
पंचायतों की भूमिका पर दिया गया जोर
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि गांवों के विकास के बिना विकसित भारत की परिकल्पना पूरी नहीं हो सकती. पंचायतें सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. ऐसे आयोजनों से पंचायत प्रतिनिधियों को नई सोच और बेहतर कार्य प्रणाली अपनाने की प्रेरणा मिलती है.
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