मजदूरी करने रूस गए संतोष की बीमारी से मौत, परिजनों में मचा कोहराम

10 मार्च को घर से लौटे थे परदेस, मासूम बेटे ने दी पिता को मुखाग्नि
वेल्डर का काम करने गये थे संतोष, फेफड़ों में खून जमने से हुई मृत्यु. 10 मार्च को घर से लौटे थे परदेस, मासूम बेटे ने दी पिता को मुखाग्नि फोटो -1 – रोते बिलखते पत्नी व बेटा बेटी प्रतिनिधि, दिनारा प्रखंड के नटवार थाना क्षेत्र अंतर्गत नटवार कला गांव के एक श्रमिक की रूस में मजदूरी के दौरान मौत हो गयी. मृतक की पहचान घुरहू तुरहा के पुत्र संतोष कुमार तुरहा के रूप में हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गयी. मृतक के भाई संजय कुमार ने बताया कि संतोष पिछले एक वर्ष से रूस की एक कंपनी में वेल्डर के पद पर कार्यरत थे. होली की छुट्टियों में वह अपने गांव आये थे और सभी परिजनों से मिलकर 10 मार्च को पुनः रूस के लिए रवाना हुए थे. अप्रैल माह में कंपनी के ट्रांसलेटर ने फोन पर सूचना दी कि संतोष की मौत हो गयी है. परिजनों के अनुसार, काम के दौरान अचानक उनके सीने में दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया. वहां डॉ ने जांच के बाद बताया कि फेफड़ों में खून जम जाने के कारण उनकी मौत हुई है. परिजनों ने लगातार कंपनी प्रबंधन से संपर्क कर शव को भारत लाने की गुहार लगायी. काफी प्रयासों के बाद कंपनी द्वारा ताबूत में बंद शव को गांव भेजा गया. जैसे ही शव नटवार कला पहुंचा, पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया. अंतिम संस्कार के समय जब बड़े बेटे प्रिंस कुमार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गयीं. संतोष अपने पीछे पत्नी रीना देवी, दो पुत्र और एक पांच वर्षीय पुत्री को छोड़ गये हैं. इस हृदयविदारक घटना के बाद आरोपित परिस्थितियों के अभाव और बीमारी की पुष्टि के बीच परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
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