आपातकाल की 50वीं बरसी पर एबीवीपी ने मनाया संविधान हत्या दिवस
Author Anurag sharan
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मशाल जुलूस निकाल जताया विरोध, कहा- यह लोकतंत्र पर किया गया आघात था
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सासाराम ऑफिस.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की सासाराम इकाई ने मंगलवार को आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर संविधान हत्या दिवस मनाया और विरोध प्रदर्शन किया. नगर मंत्री कमल नयन के नेतृत्व में शहर में मशाल जुलूस निकाला गया. इसमें परिषद के कार्यकर्ताओं ने आपातकाल को लोकतंत्र पर काला धब्बा करार दिया. इस अवसर पर जिला संयोजक रौशन पांडेय ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता को बचाने के लिए पूरे देश में आपातकाल थोप दिया था, जो कि न केवल निंदनीय था, बल्कि यह संविधान को अपने पैरों तले रौंदने जैसा था. उन्होंने कहा कि 1975 में घोषित आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला अध्याय है. प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राम प्रकाश शर्मा ने कहा कि जब कोई संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अपने निजी स्वार्थ में इस प्रकार का तानाशाही कदम उठाता है, तो वह पूरे देश के लोकतंत्र को चुनौती देता है. आपातकाल को देश कभी भूल नहीं सकता. इस कार्यक्रम में अनीश सिंह, उज्ज्वल, शिवम, ब्रजेश सिंह, शिवम तिवारी, आदर्श कुमार, तरंग केशरी, आर्यन कुमार, हैप्पी समेत अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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