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अपशिष्ट प्रबंधन बनने के साथ ही टूट कर बिखरा, नशेड़ियों का बना अड्डा

Updated at : 10 Aug 2025 5:48 PM (IST)
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अपशिष्ट प्रबंधन बनने के साथ ही टूट कर बिखरा, नशेड़ियों का बना अड्डा

खंड क्षेत्र की महरोढ़ पंचायत अंतर्गत भानस गांव से लगभग एक किलोमीटर दूरी पर बना अपशिष्ट प्रबंधन बनने के कुछ माह बाद ही टूटकर गिरने लगा.

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दिनारा. प्रखंड क्षेत्र की महरोढ़ पंचायत अंतर्गत भानस गांव से लगभग एक किलोमीटर दूरी पर बना अपशिष्ट प्रबंधन बनने के कुछ माह बाद ही टूटकर गिरने लगा. अपशिष्ट प्रबंधन के दरवाजे व ऊपर का करकट भी आंधी के झकोरों से उखड़ गया है. अब विभाग भी इसका शुद्ध नहीं ले रहा है. रंगाई-पुताई से सजे इस केंद्र की दिखावट कचरा घर से ज्यादा आवासीय भवन जैसा है. सरकार की योजना के अनुसार, सभी गांवों में इस तरह के केंद्र बनाये गये हैं, जहां गीला और सूखा कचरा अलग-अलग जमा किया जाना था. हर गांव में कचरा एकत्र करने के लिए एक कचरा गाड़ी भी उपलब्ध करायी गयी है. लेकिन अब उस गाड़ियों का भी अता पता नहीं है और न ही उक्त गाड़ी के चालक का पता है. जिस समय प्रखंड विकास पदाधिकारी के नेतृत्व में मुखिया जी के समक्ष गाड़ियों का वितरण हुआ था, तब लोगों को लगा था कि सरकार की यह पहल बहुत अच्छी है. इससे ठेला चालकों को मजदूरी भी मिलनी थी, लेकिन वह भी विलुप्त हो गया है. ग्रामीणों ने कहा कि एक तो गांव से लगभग एक किलोमीटर दूरी पर स्थित है, दूसरा कि दो नंबर मेटेरियल से बनाया गया है. इसलिए उद्घाटन से पहले ही टूटकर गिरने लगा. वहीं, नशेड़ियों के अड्डा बन जाने से लेट लतीफ जाने आने वाले लोगों के मन में भय भी बना रहता है कि अंधेरे का फायदा उठाकर लोगों से कहीं छिना झपटी न करने लगे. बता दें कि अभी एक बार भी इसमें अपशिष्ट प्रबंधन नहीं जामा किया गया. लेकिन, अब इसका उपयोग अब नशेड़ी कर रहे हैं. बनने के समय लोगों के मन में काफी खुशी था कि अपनों के क्षेत्र में एक कचड़ा प्रबंधन का घर बनाया गया, लेकिन लोगों का मन अब निराश हो गया. इस कारण अब गांव के लोगों द्वारा व्यवस्था के विपरीत गांव का कचरा आरआरसी सेंटर तक नहीं पहुंच रहा है. लोग कचरा सड़क किनारे फेंक रहे हैं, जिससे संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है. क्या कहती हैं मुखिया महरोढ़ पंचायत की मुखिया गीता ने बताया कि उक्त अपशिष्ट प्रबंधन के दरवाजे को दो बार बनवाया गया, लेकिन नशेड़ियों के आतंक से यहां सबकुछ बर्बाद हो गया है. उसे पुनः रूप से सुचारू करने के लिए अगस्त माह में ही उसे फिर से दुरुस्त किया जायेगा. अपशिष्ट प्रबंधन बन जाने पर वहां सूखा तथा गिला कचरा जामा किया जायेगा. सभी लोगों को सूखा व गिला कचरा रखने के दो दो बाल्टी दिया गया है, लेकिन लोग कचरा रखने के बजाय उसमें घर के कामों में उपयोग करते हैं. पंचायत में कुल 11 गाड़ियां हैं, जो गिला और सूखा कचरा जामा करने का काम करते हैं. :::::भानस के पास बना अपशिष्ट प्रबंधन में एक बार भी नहीं रखा जा सका कचरा अपशिष्ट प्रबंधन के दरवाजे व ऊपर के करकट तक आंधी में उखड़े कचरा एकत्र करने वाली गाड़ी व चालक का अता पता नहीं

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG SHARAN

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By ANURAG SHARAN

ANURAG SHARAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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