नवजातों की मृत्यु दर में कमी के लिए किया जागरूक
Updated at : 16 Nov 2025 5:27 PM (IST)
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नवजात शिशु सुरक्षा सप्ताह पर कर्मियों को किया जा रहा जागरूक
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सासाराम सदर.
सदर अस्पताल के अलावा जिले के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर प्रसव कराने और प्रसव के दौरान मातृ शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए विभाग की ओर से कार्यक्रम चलाये जाते हैं. इसके तहत सदर अस्पताल के मातृ शिशु अस्पताल में शिशु सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है. यह कार्यक्रम 15 से 21 नवंबर तक मनाया जाता है. सिविल सर्जन डॉ मणिराज रंजन ने बताया कि शिशु सुरक्षा सप्ताह हर वर्ष मनाया जाता है. नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करना और सुरक्षित प्रसव तथा जन्म के बाद शुरुआती 28 दिनों में नवजात की देखभाल के बारे में स्वास्थ्यकर्मियों व परिजनों को प्रशिक्षित करना इसका मुख्य उद्देश्य होता है. सुरक्षा सप्ताह के दौरान शिशु के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के तरीकों पर जोर दिया जाता है. इसके माध्यम से टीकाकरण, स्वच्छता और उचित पोषण की जानकारी दी जाती है. यह सुरक्षा दिवस वर्ष 1990 से यूरोपीय देशों में मनाया जाता था. उस समय नवजात मृत्यु दर बहुत अधिक होती थी. सुरक्षा सप्ताह शुरू करने से काफी हद तक प्रसव को बढ़ावा मिलने के साथ ही शिशु मृत्यु दर में कमी आयी.शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए जागरुकता जरूरी
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि प्रसव को बढ़ावा देने व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए शिशु सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है. इसमें कर्मियों व प्रसुताओं को जन्म के बाद पहले 28 दिनों में बच्चों को होने वाले जोखिमों से बचाव की जानकारी दी जाती है. जिला के सरकारी अस्पतालों में माताओं और परिवारजनों को नवजात की देखभाल के लिए प्रशिक्षण भी दी जाती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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