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इंद्रपुरी बराज से पश्चिमी संयोजक नहर में छोड़ा गया 1000 क्यूसेक पानी

Updated at : 02 Jun 2025 6:50 PM (IST)
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इंद्रपुरी बराज से पश्चिमी संयोजक नहर में छोड़ा गया 1000 क्यूसेक पानी

Sasaram news. सिंचाई विभाग की ओर से एक जून से 31 अक्तूबर तक खरीफ अवधि निर्धारित है. खरीफ सीजन को लेकर विगत रविवार को इंद्रपुरी बराज से पश्चिमी संयोजक नहर में 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया.

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बराज पर 5445 क्यूसेक पानी उपलब्ध बराज पर पानी का लेवल मेंटेन रखकर नदी में किया जा रहा 4439 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज फोटो-22- इंद्रपुरी बराज से पश्चिमी संयोजक नहर में छोड़ा गया पानी. प्रतिनिधि, इंद्रपुरी सिंचाई विभाग की ओर से एक जून से 31 अक्तूबर तक खरीफ अवधि निर्धारित है. खरीफ सीजन को लेकर विगत रविवार को इंद्रपुरी बराज से पश्चिमी संयोजक नहर में 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. वहीं, सोमवार की सुबह करीब आठ इंद्रपुरी बराज में 5445 क्यूसेक पानी उपलब्ध रहा है. बराज में पानी का लेवल मेंटेन रखकर बराज से नीचे सोन नदी में 4439 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है. फिलहाल बराज पर पानी की कमी नहीं है. इसलिए रिहंद और बाणसागर जलाशय से पानी की डिमांड नहीं की गयी है. वहीं, पिछले वर्ष एक जून को इंद्रपुरी बराज से पश्चिमी संयोजक नहर में 512 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. वहीं, बराज पर पानी का लेवल मेंटेन रखकर नीचे नदी में 1906 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था. इस संबंध में आयोजन एवं मॉनीटरिंग प्रमंडल डेहरी के कार्यपालक अभियंता भारती रानी ने बताया कि एक जून को इंद्रपुरी बराज से पश्चिमी संयोजक नहर में 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. वर्तमान में सोमवार की सुबह आठ बजे बराज पर 5445 क्यूसेक पानी उपलब्ध है. बराज में पानी की कमी नहीं है. इसलिए रिहंद और बाणसागर जलाशय से पानी की डिमांड नहीं की गयी है. जैसे-जैसे डिमांड बढ़ेगी, वैसे ही रिहंद व बाणसागर जलाशय से मांग की जायेगी. फिलहाल बिक्रमगंज प्रमंडल से डिमांड आयी है. सभी जगह से डिमांड बाकी है. वर्तमान बराज के दो गेट खोले गये हैं. बराज पर पानी का लेवल 355 फीट है. बराज पर पानी का लेवल मेंटेन रखकर बराज के नीचे नदी में 4439 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है. क्षेत्रीय अभियंताओं के मांग के अनुरूप रिहंद व वाणसागर से पानी का डिमांड किया जयेगा. सभी जगह से इंडेंट आना बाकी है.अभी बक्सर, चौसा, सासाराम नहर में कार्य चल रहा है.इस बार सिंचाई विभाग मुख्य अभियंता परिक्षेत्राधीन चार जिलों में खरीफ सिंचाई का निर्धारित लक्ष्य 451842 हेक्टेयर है. पिछले वर्ष 2024 का लक्ष्य 449820 हेक्टेयर रखा गया था.इधर रोहिणी नक्षत्र में धान के बिचड़े डालने व तैयार बीज के पटवन के लिए किसान नहर में पानी के इंतजार कर रहे थे. इसको लेकर किसान काफी परेशान थे. उनके माथे पर चिंता की लकीर गहराने लगी थी. इस स्थिति के भयावहता को भाप सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बराज से पश्चिमी संयोजक नहर में पानी छोड़ा है. धीरे-धीरे पानी पहुंचेगा. इधर साधन संसाधन संपन्न किसान अपने साधन से धान का बिछड़ा डाल रहे थे. वे तैयार बीज के पटवन के लिए नहर के पानी का इंतजार कर रहे थे .ऐसे में बराज से नहर में पानी छोड़ने से किसानों को राहत मिलेगी.जून महीना शुरू हो रहा है.रोहिणी नक्षत्र चल रहा है. लोगों को धान का बिचड़े डालने के लिए नहरों में पानी दिया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG SHARAN

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ANURAG SHARAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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