सर्द हवा ने बढ़ायी गलन, ठिठुरन से लोग बेहाल

Author Alok kumar
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सर्द हवा ने बढ़ायी गलन, ठिठुरन से लोग बेहाल

सर्द हवा व गलन के बीच दैनिक गतिविधियों को पूरा करने की चुनौती बनी हुई है. पिछले सात आठ दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है.

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छपरा. सर्द हवा व गलन के बीच दैनिक गतिविधियों को पूरा करने की चुनौती बनी हुई है. पिछले सात आठ दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है. दिन भर गलन होने के कारण घरों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है. लेकिन अधिक ठंड के बावजूद भी अब लोग धीरे-धीरे अपने जरूरी कार्य को निबटाने के लिए शहर में निकल रहे हैं. गुरुवार को क्रिसमस को लेकर अवकाश होने के बावजूद भी शहर के बाजारों में दिन के समय भीड़ नजर आयी.

खासकर शहर के थाना चौक से साहेबगंज के बीच लोग बड़ी संख्या में उलेन कपड़ों की खरीदारी करते दिखे. थाना चौक से डाक बंगला रोड में भी 50 से अधिक फुटपाथी दुकान लगी है. जहां सिर्फ उलेन कपड़ों की बिक्री हो रही है. इन सभी दुकानों पर भीड़ रही. क्रिसमस होने के कारण ठंड के बीच भी कई लोग अपने परिवार के साथ शहर के रेस्टोरेंट व बाजारों में पहुंचे थे. कोहरा अन्य दिनों की अपेक्षा कम रहा. जिस कारण वाहनों का परिचालन सामान्य रहा. इस समय जिला प्रशासन के निर्देश पर 27 दिसंबर तक दसवीं तक की कक्षाओं में पठन पाठन स्थगित कर दिया गया है. जिस कारण छात्रों को राहत है. लेकिन व्यवसायी तथा अन्य कामकाजी लोगों को सुबह के समय कार्य स्थल तक जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. गुरुवार को दोपहर में हल्की धूप निकली थी. लेकिन उसका कोई खास फायदा लोगों को नहीं मिला. थोड़ी देर धूप निकलने के बाद फिर से आसमान में बादल छा गये.

सर्द हवाएं नुकसानदेह, सुरक्षा जरूरी

सुबह से लेकर देर शाम तक चल रही सर्द हवाएं इस समय काफी नुकसानदेह हैं. सदर अस्पताल के चिकित्सकों का भी कहना है कि इस समय ओपीडी या इमरजेंसी विभाग में जितने भी मरीज आ रहे हैं. उनमें से ज्यादातर ठंड से पीड़ित होकर आ रहे हैं. कान द्वारा सर्द हवा प्रवेश करते ही लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं. कई लोग जिन्हें पहले से सांस से संबंधित बीमारी है. उन्हें भी अधिक ठंड वक्त कोहरे में आवागमन करने से दिक्कत आ रही है. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संदीप कुमार यादव ने बताया कि बच्चों को सर्द हवा से बचाना काफी जरूरी है. बच्चे अगर ज्यादा देर तक खुली हवा में रहते हैं तो सर्द हवा का असर उन्हें ठंड की चपेट में ले सकता है. अगर बच्चों में सर्दी, खांसी अधिक दिन तक रहे तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. सदर अस्पताल में भी इन दोनों कोल्ड डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है. गुरुवार को ओपीडी बंद रहने के बावजूद भी इमरजेंसी विभाग में दोपहर तक ठंड से पीड़ित 18 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे. जिसमें दो मरीज बुजुर्ग थे. जिन्हें ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत थी. वहीं कुछ बच्चे भी तेज बुखार से पीड़ित होकर इलाज के लिए पहुंचे थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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