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डीआरसीसी परिसर में शराब पीने के आरोप में डीइओ कार्यालय का लिपिक हुआ निलंबित

Updated at : 24 Oct 2025 9:54 PM (IST)
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डीआरसीसी परिसर में शराब पीने के आरोप में डीइओ कार्यालय का लिपिक हुआ निलंबित

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के स्थापना संभाग के लिपिक शशि भूषण कुमार सिंह को क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने स्वेच्छाचारिता, सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल एवं अनैतिक कार्य करने का आरोप प्रमाणित होने के बाद सस्पेंड कर दिया है.

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छपरा. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के स्थापना संभाग के लिपिक शशि भूषण कुमार सिंह को क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने स्वेच्छाचारिता, सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल एवं अनैतिक कार्य करने का आरोप प्रमाणित होने के बाद सस्पेंड कर दिया है. जानकारी हो कि लिपिक शशि भूषण कुमार सिंह जिला पंजीयन सह परामर्श केंद्र परिसर में शराब पीने का आरोपी पाया गया था. इसका वीडियो प्रकाश में आने के बाद उत्पाद विभाग की अधीक्षक और सदर एसडीओ ने संयुक्त रूप से जांच की थी.

मौके पर मौजूद और बरामद सामानों की जांच की गयी थी. इस मामले को जिलाधिकारी अमन समीर ने काफी गंभीरता से लिया था और जिला शिक्षा पदाधिकारी को कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया था. जिला शिक्षा पदाधिकारी, सारण के पत्रांक 597 दिनांक 16 अक्टूबर के द्वारा शशि भूषण सिंह, लिपिक, कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी (स्थापना संभाग), सारण के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गयी थी. तत्पश्चात इस कार्यालय के पत्रांक 952 दिनांक 16 अक्टूबर के द्वारा सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी. सिंह द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण समीक्षा उपरांत संतोषप्रद नहीं पाया गया. सिंह के विरुद्ध प्रथम दृष्टया अपने दायित्वों का निर्वहन उचित ढंग से नहीं करना, स्वेच्छाचारिता, सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल एवं अनैतिक कार्य करने का आरोप प्रमाणित पाया गया.

विभागीय कार्यवाही के अधीन निलंबित

प्रमाणित आरोपों के आधार पर शशि भूषण सिंह, लिपिक, कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी (स्थापना संभाग), सारण को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 09 के उप नियम (1) (क) में निहित सुसंगत प्रावधानों के आलोक में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्यवाही के अधीन कर दिया गया है. सिंह का मुख्यालय कार्यालय, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिवान निर्धारित किया गया है. वहीं गठित आरोपों की जांच के लिए संचालन पदाधिकारी के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिवान एवं प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना, सारण को नामित किया गया है. इसके अलाव आरोप-पत्र निर्गत हो जाने की तिथि से 45 दिनों के अन्दर संचालन पदाधिकारी को जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराना होगा. आरोपित कर्मी को आरोप-पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के अन्दर अपना लिखित बचाव अभिकथन साक्ष्य सहित जाँच पदाधिकारी को समर्पित करना होगा. सस्पेंशन की कार्रवाई होने के बाद सिंह के सभी कार्य का बंटवारा कार्यालय के ही कई लिपिकों में कर दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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