पीजी में कोर कोर्स के साथ एडिशनल विषय पढ़ना भी अनिवार्य
Updated at : 10 Oct 2025 9:35 PM (IST)
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जयप्रकाश विश्वविद्यालय में पीजी सत्र 2025-27 में नामांकन के लिए आवेदन शुरू हो चुका है. 25 अक्टूबर तक आवेदन की अंतिम तिथि है.
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छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय में पीजी सत्र 2025-27 में नामांकन के लिए आवेदन शुरू हो चुका है. 25 अक्टूबर तक आवेदन की अंतिम तिथि है. जिसके बाद नवंबर प्रथम सप्ताह से नामांकन शुरू हो जायेगा. इसके साथ ही पीजी सत्र 2024-26 में भी पहली लिस्ट पर नामांकन पूरा हो चुका है. नवंबर में दोनों सत्रों की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कक्षाएं संचालित होंगी.
नामांकन के बाद वर्ग संचालन के दौरान पीजी के छात्रों को बदले हुए सिलेबस व पैटर्न की जानकारी भी दी जायेगी. विदित हो कि जेपीयू में सत्र 2018 से ही च्वायस बेस्ड सिलेबस लागू किया गया है. सत्र 2020 में इसी सिलेबस के अनुरूप कक्षाएं चल रही हैं. पीजी में पुराने सिलेबस पर आधारित पैटर्न के अंतर्गत चार सेमेस्टर में अलग-अलग पत्र निर्धारित किया गया था. जिसके अनुसार ही सभी सेमेस्टर को पूरा करना अनिवार्य था. सीबीसीएस के लागू होने के बाद विषय के अंतर्गत चार कोर कोर्स बनाये गये हैं. जिसके आधार पर ही परीक्षा होगी. कुछ नया वेरियशन शामिल है. विज्ञान संकाय के छात्रों को चेप्टर में वेरियेशन मिलेगा. वहीं मानविकी संकाय के विषयों में लिटरेचर में वेरियेशन मिलेगा. वहीं सभी सेमेस्टर में एक अनिवार्य विषय एडिशनल में रखना होगा. फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों के लिए भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छ भारत अभियान को विषय के पैटर्न पर पढ़ाया जा रहा है. एडिशनल विषय की परीक्षा 100 अंकों की होगी. जिसमें 50 अंक की आंतरिक व वायवा की परीक्षा ली जायेगी. वहीं शेष 50 अंक की थ्योरी परीक्षा होगी. वहीं फर्स्ट सेमेस्टर उत्तीर्ण करने के बाद सेकेंड व फोर्थ सेमेस्टर के बीच सीबीसीएस के तहत फैशन डिजाइनिंग, कम्युनिकेशन लैंग्वेज, स्किल ट्रेंनिग जैसे एडिशनल सब्जेक्ट का अध्ययन छात्र-छात्राएं कर सकते हैं.फॉरेन पॉलिसी को समझ सकेंगे छात्र-छात्राएं
सीबीसीएस सिलेबस के अंतर्गत राजनीतिक विज्ञान विभाग के छात्र-छात्राएं फॉरेन पॉलिसी को पढ़ेंगे. जिसमें अमेरिकन, फ्रेंच, स्वीस व चाइनीज पॉलिटिकल सिस्टम को पढ़ने का अवसर मिलेगा. पीजी के अलग-अलग सेमेस्टर में इस चैप्टर को शामिल किया गया है. इसके साथ ही अरस्तू, प्लेटो व काल मॉस्क के सिद्धांतों से भी छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन हो सकेगा. सोशल एंड पॉलिटिकल थॉट्स के तहत पंडित नेहरू, अरविंदो, विवेकानंद, सुभाषचंद्र बोस व पं दीनदयाल उपाध्याय के राजनीति सोंच व इसके समाजिक दृष्टिकोण से छात्र-छात्राएं रूबरु होंगे. पीजी अंग्रेजी विभाग में भी च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू किया गया है. इसके अंतर्गत अंग्रेजी में फिल्म एंड लिटरेचर में दो फिल्मों को विषय की तरह छात्रों के बीच प्रमोट किया जायेगा. इसमें लोककवि भिखारी ठाकुर के विदेशिया व फणीश्वर नाथ रेणु के चर्चित उपन्यास मारे गये गुलफाम आधारित तीसरी कसम का स्क्रिप्ट सीबीसीएस में छात्र-छात्राएं एक विकल्प के रूप में पढ़ सकते हैं.बीच सत्र में चुन सकते हैं स्ट्रीम से अलग विषय
सीबीसीएस अपने कोर्स से उस विषय को हटाने का विकल्प देती है जिसकी पढ़ाई छात्र-छात्राएं नहीं करना चाहते. अगर छात्रों को नामांकन के बाद लगता है कि उस विषय को पढ़ना उनके लिए फायदेमंद साबित नही होगा तो अन्य स्ट्रीम के विषय भी बीच सत्र में भी विकल्प के तौर पर चुन सकते हैं. इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं दूसरे स्ट्रीम के अपने पसंदीदा विषय की पढ़ाई कर सकते हैं. जो उनके कैरियर के लिये लाभदायक साबित होगा. वहीं मेन स्ट्रीम की पढ़ाई के साथ-साथ दूसरे स्ट्रीम के रोचक विषय पढ़ना आसान हो जायेगा. पहले छात्रों ने अगर कला या विज्ञान में नामांकन कराया है तो उस स्ट्रीम से जुड़े सब्जेक्ट ही विकल्प के तौर पर चुन सकते थे. च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू हो जाने के बाद मेन स्ट्रीम में जुड़े रहकर भी दूसरे स्ट्रीम के अन्य विषयों को पढ़ने की आजादी मिलेगी.ये जानना भी जरूरी
– जेपीयू में पीजी विभाग- 17- पीजी के विषय- 17- पीजी कॉलेज- 08- उपलब्ध सीट- 4486डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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