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कॉलेजों में आवेदन देने वाले छात्र-छात्राओं को अनिवार्य रूप से दी जायेगी रिसीविंग

Updated at : 13 Dec 2025 9:35 PM (IST)
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कॉलेजों में आवेदन देने वाले छात्र-छात्राओं को अनिवार्य रूप से दी जायेगी रिसीविंग

छात्र-छात्राओं द्वारा अंक पत्र में सुधार या अन्य समस्याओं को लेकर कॉलेज में जो आवेदन दिया जा रहा है. उसकी रिसीविंग अनिवार्य रूप से छात्रों को उपलब्ध करानी होगी.

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छपरा. छात्र-छात्राओं द्वारा अंक पत्र में सुधार या अन्य समस्याओं को लेकर कॉलेज में जो आवेदन दिया जा रहा है. उसकी रिसीविंग अनिवार्य रूप से छात्रों को उपलब्ध करानी होगी. यदि कॉलेज के कर्मियों द्वारा छात्र-छात्राओं को आवेदन की रिसीविंग नहीं दी जाती है. तो संबंधित कर्मी पर कार्रवाई की जायेगी. हाल ही में कई छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय पहुंचकर कुलपति से इस बात की शिकायत की थी कि कॉलेज में उनके द्वारा जो आवेदन दिया जा रहा है. उसकी रिसीविंग नहीं मिल रही है. आवेदन देने के कुछ दिन बाद जब वह जानकारी लेने के लिए पहुंच रहे हैं. तो संबंधित कर्मी द्वारा टालमटोल किया जा रहा है और दोबारा आवेदन देने की बात कही जा रही है. जिसे छात्र-छात्राएं परेशान हो रहे हैं. इसकी जानकारी मिलने के बाद अब कुलपति ने सभी प्राचार्यों को कड़ा गाइडलाइन जारी किया है. उन्होंने कहा है कि छात्रों को आवेदन की रिसीविंग तुरंत दी जाये. साथ ही रिसीविंग पर आवेदन मिलने की तिथि व संबंधित कर्मी को अपना मोबाइल नंबर भी लिखना होगा. जिस पर बात कर छात्र-छात्राएं अपने आवेदन का स्टेटस जान सकते हैं.

15 दिन के भीतर विवि में सबमिट करना है आवेदन

छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर जो आवेदन संबंधित विभाग या कॉलेज काउंटर पर देते हैं. उसका पहले कॉलेज में ही वेरिफिकेशन कराया जायेगा. इसके बाद 15 दिनों के भीतर उस आवेदन को संबंधित कागजातों के साथ विश्वविद्यालय में भेजना होगा. विश्वविद्यालय में आवेदन मिलने के अगले एक सप्ताह में छात्रों की समस्याओं का निबटारा कर दिया जायेगा. इस समय कॉलेज को ज्यादातर आवेदन अंक पत्र में सुधार के लिए मिल रहे हैं. कॉलेजों द्वारा जो भी आवेदन वेरीफाइ करने के बाद विश्वविद्यालय को भेजा जा रहा है. उस पर कार्रवाई करते हुए अंकपत्रों में अगले एक सप्ताह में सुधार कर उसकी जानकारी विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपडेट कर दी जा रही है. छात्र-छात्राएं पोर्टल पर भी स्टेटस चेक कर सकते हैं. जिसके बाद अपने आवेदन की रिसीविंग ले जाकर कॉलेज से सुधार किया हुआ अंक पत्र प्राप्त कर सकते हैं.

हर दिन अपडेट किया जा रहा है स्टेटस

विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हर दिन 30 से 40 आवेदनों का निबटारा किया जा रहा है और उसका स्टेटस विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपडेट कर दिया जा रहा है. पिछले तीन माह में युद्ध स्तर पर अंक पत्रों में हुई गड़बड़ी में सुधार किया गया है. वहीं छात्रों से मिले अन्य आवेदनों पर भी विचार करते हुए उसका निबटारा किया जा रहा है. विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी प्रकार की समस्या का आवेदन कॉलेज में ही सबमिट करें. विश्वविद्यालय में आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा. कई ऐसे छात्र-छात्राएं हैं जो जानकारी के अभाव में विश्वविद्यालय पहुंचकर विभाग में आवेदन देते हैं. जिन्हें यहां से निराश लौटना पड़ता है. वहीं कुलपति ने सभी कॉलेजों में हेल्प डेस्क को भी एक्टिव रखने का निर्देश दिया है. जिससे छात्र-छात्राओं की समस्याओं का अविलंब निबटारा हो सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ALOK KUMAR

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