SNCU के बाहर सो रहे परिजन के गले से लॉकेट और जेब से मोबाइल गायब, छपरा सदर अस्पताल में भीषण चोरी

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विभाग के बाहर बैठी महिला

Saran News: छपरा सदर अस्पताल में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. बुधवार की देर रात एसएनसीयू विभाग के बाहर सो रहे नवजात मरीज के परिजन चोरी का शिकार हो गए.

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Saran News: (छपरा से हरि प्रकाश मिश्रा की रिपोर्ट)
छपरा सदर अस्पताल में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. बुधवार की देर रात एसएनसीयू विभाग के बाहर सो रहे नवजात मरीज के परिजन चोरी का शिकार हो गए. चोर युवक के गले से लॉकेट और जेब में रखा मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

नवजात के इलाज के दौरान परिवार पर टूटा संकट

जानकारी के अनुसार पीड़ित मड़ावरा थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी लालसा देवी का पुत्र है. उसका नवजात बच्चा सदर अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती है. बच्चे के इलाज के कारण परिवार के सदस्य अस्पताल परिसर में ही रह रहे थे. बुधवार की रात परिवार के लोग एसएनसीयू विभाग के बाहर पड़े पुराने और खाली बेड पर सोए हुए थे.

रात के अंधेरे में चोरों ने किया हाथ साफ

परिजनों के मुताबिक देर रात अज्ञात चोरों ने सो रहे युवक के गले से लॉकेट और जेब में रखा मोबाइल फोन चोरी कर लिया. घटना की जानकारी सुबह होने पर मिली. चोरी के बाद परिवार में हड़कंप मच गया और अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई.

गार्ड तैनात थे, फिर भी नहीं रुकी चोरी

पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के समय अस्पताल परिसर में सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी लगी हुई थी. इसके बावजूद चोर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देने में सफल रहे. परिजनों ने अस्पताल कर्मियों और गार्डों से सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की, लेकिन उन्हें संतोषजनक सहयोग नहीं मिला.

अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है. उनका कहना है कि यदि अस्पताल परिसर में ही मरीज और उनके परिजन सुरक्षित नहीं हैं, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा. लोगों ने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की है.

अब तक थाने में नहीं दी गई लिखित शिकायत

हालांकि इस मामले में अभी तक स्थानीय थाना में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. बावजूद इसके घटना ने सदर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी की पोल खोल दी है. अस्पताल प्रशासन की ओर से भी मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

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साक्षी कुमारी

लेखक के बारे में

By साक्षी कुमारी

साक्षी कुमारी को डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 वर्षों का अनुभव है. पिछले तीन वर्षों से वह डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव है. बिहार की राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी अच्छी समझ है, जिससे वह पाठकों तक समय पर और प्रभावी ढंग से खबरें पहुंचाने में दक्ष हैं. तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यशैली है.

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