सारण में मां अंबिका भवानी मंदिर के रास्ते पर बह रहा नाले का गंदा पानी, श्रद्धालुओं को हो रही भारी परेशानी, समाधान की उठी मांग

Published by : Sakshi kumari Updated At : 03 Jun 2026 9:29 AM

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रास्ते पर बहता नाली का पानी

Saran News: सारण जिले के दिघवारा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध मां अंबिका भवानी मंदिर आमी में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. लेकिन मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर नाले का गंदा पानी बहने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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Saran News: (सारण के दिघवारा से अमित की रिपोर्ट)
सारण जिले के दिघवारा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध मां अंबिका भवानी मंदिर आमी में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. लेकिन मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर नाले का गंदा पानी बहने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. श्रद्धालुओं का कहना है कि गंदे पानी के बीच होकर मंदिर तक पहुंचना उनकी धार्मिक भावनाओं और आस्था को ठेस पहुंचा रहा है.

देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है आमी मंदिर

दिघवारा प्रखंड के आमी स्थित मां अंबिका भवानी मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. मंदिर का अपना पौराणिक महत्व है और यहां श्रद्धालुओं की गहरी आस्था जुड़ी हुई है. देश के विभिन्न हिस्सों से भक्त मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए यहां पहुंचते हैं.

हर शुभ कार्य से पहले मां का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं लोग

क्षेत्र के लोगों में ऐसी मान्यता है कि किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत से पहले मां अंबिका भवानी का आशीर्वाद लेना शुभ होता है. विवाह के बाद नवदंपति भी सपरिवार मंदिर पहुंचकर माथा टेकते हैं. मन्नत पूरी होने पर चुनरी चढ़ाने की वर्षों पुरानी परंपरा आज भी कायम है.

नवरात्र और महाशिवरात्रि में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब

शारदीय और वासंतिक नवरात्र, महाशिवरात्रि समेत अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहता है. आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि, मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी भी समय-समय पर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं.

मंदिर मार्ग पर बहता नाले का पानी बना बड़ी समस्या

श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी परेशानी मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग पर बह रहा नाले का गंदा पानी है. मंदिर जाने वाले पैदल श्रद्धालुओं को इसी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है. इससे न केवल आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि श्रद्धालुओं को असहज स्थिति का भी सामना करना पड़ता है.

श्रद्धालुओं ने जताई नाराजगी, समाधान की मांग

मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि गंदे नाले के पानी से होकर गुजरना उनकी धार्मिक आस्था और पूजा की शुद्धता को प्रभावित करता है. उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मंदिर मार्ग पर बह रहे नाले के पानी की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुगम मार्ग उपलब्ध हो सके.

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लेखक के बारे में

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साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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