मरी हुई' मानकर घर लाए परिजन, ज़िंदा निकली बेटी; सारण के मांझी CHC में तोड़ा दम
पटना के एक निजी क्लिनिक में मृत घोषित की गई मांझी की युवती घर लाए जाने के बाद जीवित पाई गई, जिससे परिजनों को पल भर की राहत मिली. हालांकि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान युवती की दोबारा मौत हो गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
Manjhi girl declared dead: पटना के एक निजी क्लीनिक में मृत घोषित की गयी मांझी की युवती के शरीर में शनिवार को अचानक हरकत दिखने के बाद हड़कंप मच गया. परिजन उसे मृत समझकर एंबुलेंस से घर लेकर पहुंचे थे. घर पहुंचने के बाद कुछ महिलाओं ने युवती के शरीर में हरकत देखी और परिजनों को इसकी जानकारी दी. लोगों ने पास जाकर देखा तो उसकी सांसें चल रही थीं और गर्दन में भी हलचल हो रही थी. इसके बाद परिजन आनन-फानन में उसे लेकर मांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू किया. हालांकि, देर शाम इलाज के दौरान युवती ने दम तोड़ दिया. घटना के बाद परिवार में फिर से मातम पसर गया.
एक जुलाई को सड़क हादसे में हुई थी गंभीर रूप से घायल
जानकारी के अनुसार, मांझी नगर पंचायत के चौबाह स्थान निवासी महेश महतो की पुत्री गायत्री कुमारी एक जुलाई को अपने पिता के साथ बाइक से अपनी बड़ी बहन के घर तरैया जा रही थी. इसी दौरान चनचौरा के पास सड़क दुर्घटना में पिता-पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गये थे. हादसे में गायत्री को गंभीर चोटें आयी थीं. इसके बाद परिजन बेहतर इलाज के लिए उसे पटना लेकर गये, जहां एक निजी क्लीनिक में उसका इलाज चल रहा था.
शुक्रवार को चिकित्सक ने किया मृत घोषित
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को निजी क्लीनिक के चिकित्सक ने गायत्री को मृत घोषित कर दिया. इसकी सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. परिवार के लोग युवती को मृत समझकर उसके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गये. मांझी स्थित घर के दरवाजे पर भी लोगों की भीड़ जुटने लगी.
एंबुलेंस से घर पहुंची तो दिखी शरीर में हरकत
शनिवार को परिजन युवती के शव को एंबुलेंस से मांझी स्थित अपने घर लेकर पहुंचे. इसी दौरान कुछ महिलाओं की नजर युवती के शरीर पर गयी. उन्होंने परिजनों को बताया कि युवती के शरीर में हरकत हो रही है. इसके बाद लोग उसके पास पहुंचे तो उसकी सांसें चलती हुई दिखाई दीं. बताया गया कि युवती अपनी गर्दन भी हिला रही थी.
यह देखकर परिजनों में अफरातफरी मच गयी. परिजन तत्काल उसे लेकर मांझी सीएचसी पहुंचे. वहां चिकित्सकों ने युवती की जांच करने के बाद प्राथमिक उपचार शुरू किया और उसे बचाने का प्रयास किया.
देर शाम इलाज के दौरान गायत्री ने तोड़ा दम
मांझी सीएचसी में चिकित्सकों की ओर से इलाज शुरू किये जाने के बाद परिजनों को युवती के बचने की उम्मीद जगी थी. हालांकि, देर शाम इलाज के दौरान गायत्री कुमारी ने दम तोड़ दिया. इसके बाद परिजनों में एक बार फिर चीख-पुकार मच गयी. घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गयी.
निजी क्लीनिक की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद पटना के निजी क्लीनिक में युवती को मृत घोषित किये जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं. परिजनों का कहना है कि यदि युवती को मृत घोषित किया गया था, तो घर पहुंचने के बाद उसके शरीर में सांस और हरकत कैसे दिखी. हालांकि, इस संबंध में निजी क्लीनिक की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है. मामले में चिकित्सकीय जांच या प्रशासनिक स्तर पर किसी कार्रवाई की जानकारी भी फिलहाल सामने नहीं आयी है.
सड़क हादसे से मौत तक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक जुलाई को सड़क हादसे के बाद से ही गायत्री का इलाज चल रहा था. परिजन उसके ठीक होने की उम्मीद में इलाज करा रहे थे. शुक्रवार को चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किये जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. शनिवार को घर लाने के बाद जब युवती के जीवित होने की बात सामने आयी तो परिजनों को कुछ समय के लिए उम्मीद जगी, लेकिन देर शाम उसकी मौत से परिवार फिर गहरे सदमे में चला गया.
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की पूरी जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवती को किस चिकित्सकीय आधार पर मृत घोषित किया गया था और घर पहुंचने के बाद उसमें जीवन के लक्षण कैसे दिखाई दिये. फिलहाल युवती की मौत के बाद मांझी क्षेत्र में शोक का माहौल है.
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