Saran news: सारण के रहने वाले मजदूर की सऊदी में मौत, 5 महीने बाद शव पहुंचा गांव, परिजनों की चीत्कार से दहला इलाका
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 01 Jul 2025 7:51 PM
सांकेतिक तस्वीर
Saran news:भुटेली खान सऊदी अरब में मजदूरी करते थे. वे नेसमा पार्टनर कंस्ट्रक्शन कम्पनी में राजमिस्त्री का काम करते थे. उसी के अंतर्गत अरामको कम्पनी का काम चल रहा था. विगत 28 जनवरी को काम करने के दौरान हीं वे कम्पनी के हीं एक गाड़ी के चपेट में आ गये, जिससे मौके पर हीं भुटेली खान की मौत हो गयी थी.
Saran news: सऊदी अरब में काम करने के दौरान एक मजदूर की दुर्घटना में हुई मौत के 5 माह बाद जब शव दाउदपुर थाना क्षेत्र के कोहड़ा गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया, वहीं उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया.
क्यों लगा 5 महीना
अजीज खान के 52 वर्षीय पुत्र भुटेली खान की मृत्यु पांच महीने पहले ही हो गई थी. उसके बाद से परिजन व रिश्तेदार शव को इंडिया लाने के प्रयास में जुट गए. दिल्ली एम्बेसी से आवश्यक कागजात तैयार करने में करीब डेढ़ माह लग गये. उसके बाद सऊदी अरब प्रशासन को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में साढ़े तीन महीने लग गए. लगभग पांच माह बाद कंपनी के द्वारा शव को इंडिया भेजा गया. जिसे पटना एयरपोर्ट पर रिसीव कर परिजन व रिश्तेदार कोहड़ा गांव पहुंचे.
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परिवार में कौन-कौन
मृतक भुटेली खान की एक बेटी नमीरा खातून व तीन बेटे सोनू खान, मोनू खान तथा अरमान खान हैं. गमगीन पत्नी नगमा बेगम ने सिसकते हुए बताया कि उनके पति भुटेली खान पिछले साल बेटी नमीरा खातून की शादी करने के लिए विदेश से आए थे. शादी संपन्न होने के बाद वे कुछ दिन घर रहकर मई 2024 में फिर विदेश मजदूरी करने चले गए थे.
तीनों बेटे अभी पढ़ाई करते हैं. मौके पर मौजूद निजामुद्दीन खान, मेराज खान, महम्मद्दीन खान आदि ने बताया कि परिवार का भरण-पोषण का दायित्व भुटेली खान पर हीं था. वही मृतक की पत्नी नगमा ने भारत व बिहार सरकार से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है. जिससे उनके परिवार का लालन पालन कर सके.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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