छपरा. सारण में फार्मर रजिस्ट्रेशन की गति इतनी धीमी थी कि बीते एक साल में महज 12 हजार किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन हो पाया था. नये जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया और चार दिनों में यह आंकड़ा तीन गुना पहुंच गया. शनिवार की शाम तक यह आंकड़ा 36 हजार के आसपास पहुंच गया. इतना ही नहीं यह रफ्तार अभी बरकरार है और तेजी से बढ़ता जा रहा है. जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में ही फार्मर रजिस्ट्री को लेकर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है और वह हर पल का रिपोर्ट ले रहे हैं. कंट्रोल रूम से सभी प्रखंड में प्रखंड कृषि पदाधिकारी को और राजस्व कर्मचारियों को फोन जा रहा है और रिपोर्ट कलेक्शन की जा रही है. जिस प्रखंड में लापरवाही बरती जा रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो रही है. खुद जिलाधिकारी एक-एक कर सभी प्रखंडों का दौरा कर रहे हैं और इस अभियान में तेजी लाने का दिशा निर्देश दे रहे हैं. शनिवार को वे गरखा प्रखंड पहुंचे थे. प्रखंड अंतर्गत पंचायत भवन पिरौना में किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री रजिस्ट्रेशन के लिए आयोजित शिविर में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने उपस्थित किसानों से उनकी समस्याओं को सुनकर अंचलाधिकारी, गड़खा सहित शिविर में प्रतिनियुक्त सभी संबंधित कर्मियों को फार्मर रजिस्ट्री आइडी निर्माण में और अधिक तेजी लाने का निर्देश दिया.
राजस्व कर्मी साथ आये, तो काम हो गया आसान
यह अभियान गति पकड़ी है इसके पीछे राजस्व कर्मियों का भी साथ आना बताया जा रहा है. कृषि विभाग पहले अकेले काम कर रहा था अब इस अभियान में राजस्व कर्मचारी मदद कर रहे हैं और एक-एक किस से संपर्क कर उनका रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं. जिला कृषिपदाधिकारी मधुरेंद्र कुमार सिंह जिलाधिकारी के आदेश पर सभी प्रखंड का दौरा कर रहे हैं और वहां के कृषि पदाधिकारी को रजिस्ट्रेशन कार्य को 100% पूरा करने के लिए जागरुक कर रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

