बारिश से सदर अस्पताल में जलजमाव व कीचड़, मरीजों को हुई परेशानी

Author Alok kumar
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बारिश से सदर अस्पताल में जलजमाव व कीचड़, मरीजों को हुई परेशानी

गुरुवार को हुई बारिश ने एक बार फिर सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है.

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छपरा. गुरुवार को हुई बारिश ने एक बार फिर सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है. अस्पताल परिसर में जलजमाव और टूटी सड़कों की वजह से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालांकि छपरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर अस्पताल में भी व्यवस्थाओं को बेहतर किया गया था. लेकिन इमरजेंसी वार्ड से लेकर एक्स-रे विभाग तक जाने वाले रास्तों पर कीचड़ और गड्ढों से स्थिति बेहद खराब हो गयी है. बारिश के बाद सड़कें फिसलन भरी हो गयी हैं, जिससे मरीजों को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर पर ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं है. अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले कई मरीज और उनके परिजन फिसलने से बाल-बाल बचे. अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर ओपीडी तक का रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है. मरीजों ने बताया कि इमरजेंसी विभाग से एक्सरे कक्ष या जांच घर तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है. कई परिजन तो खुद मरीजों को गोद में उठाकर पानी और कीचड़ से भरे रास्ते को पार करने को मजबूर दिखे. वही परिजनों ने बताया कि अस्पताल में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है.

प्रतिनिधि, छपरा. गुरुवार को हुई बारिश ने एक बार फिर सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है. अस्पताल परिसर में जलजमाव और टूटी सड़कों की वजह से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालांकि छपरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर अस्पताल में भी व्यवस्थाओं को बेहतर किया गया था. लेकिन इमरजेंसी वार्ड से लेकर एक्स-रे विभाग तक जाने वाले रास्तों पर कीचड़ और गड्ढों से स्थिति बेहद खराब हो गयी है. बारिश के बाद सड़कें फिसलन भरी हो गयी हैं, जिससे मरीजों को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर पर ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं है. अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले कई मरीज और उनके परिजन फिसलने से बाल-बाल बचे. अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर ओपीडी तक का रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है. मरीजों ने बताया कि इमरजेंसी विभाग से एक्सरे कक्ष या जांच घर तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है. कई परिजन तो खुद मरीजों को गोद में उठाकर पानी और कीचड़ से भरे रास्ते को पार करने को मजबूर दिखे. वही परिजनों ने बताया कि अस्पताल में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है.

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