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Saran News : कॉलेजों में नियमित रूप से प्रैक्टिकल की कक्षाओं का होगा संचालन

Updated at : 04 Sep 2025 9:42 PM (IST)
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Saran News : कॉलेजों में नियमित रूप से प्रैक्टिकल की कक्षाओं का होगा संचालन

स्नातक का नया सत्र शुरू हो चुका है. कॉलेजों में नये सत्र की कक्षाएं भी चल रही हैं.

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छपरा. स्नातक का नया सत्र शुरू हो चुका है. कॉलेजों में नये सत्र की कक्षाएं भी चल रही हैं. कॉलेजों में नियमित वर्ग संचालन के साथ प्रयोगशालाओं को भी संचालित कराने का निर्देश दिया गया है. कुलपति प्रो परमेंद्र कुमार बाजपेई ने सभी प्राचार्यों इस संदर्भ में गाइडलाइन जारी किया है. कुलपति ने कहा है कि छात्रों को हर हाल में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार प्रैक्टिकल की कक्षा में शामिल होना है. कुछ कॉलेजों से ऐसी शिकायत मिली है कि वहां पर प्रैक्टिकल के नाम पर महज खाना पूर्ति करायी जा रही है. पूर्व में कई छात्र संगठनों ने इस बात को लेकर कुलपति को आवेदन दिया है. जिसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि कॉलेजों में प्रयोगशाला मानकों के अनुरूप नहीं हैं. कुछ कॉलेजों में तो स्नातक और पीजी की परीक्षाओं के दौरान प्रैक्टिकल के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है. ऐसे में कुलपति ने सभी कॉलेजों को सख्त निर्देश दिया है कि प्रयोगशालाओं को अपडेट किया जाये और प्रैक्टिकल क्लास के लिए निर्धारित रूटीन बनाया जाये. विश्वविद्यालय की टीम भी अब लगातार कॉलेजों में जाकर प्रयोगशाला का निरीक्षण करेगी. शहर के राजेंद्र कॉलेज, जयप्रकाश महिला कॉलेज, गंगा सिंह कॉलेज, जगदम कॉलेज आदि में प्रैक्टिकल की कक्षाओं का भी शेड्यूल प्रकाशित किया गया है.

कई कॉलेज में नहीं है लैब टेक्निशियन व सहायक

कई ऐसे कॉलेज है जहां प्रैक्टिकल रूम तो है. लेकिन वहां लैब टेक्नीशियन, सहायक व अन्य कर्मियों के नहीं होने से छात्र-छात्राओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कुछ साल पूर्व रामजयपाल कॉलेज को नैक से बी ग्रेडिंग प्राप्त हुई थी. छात्रों को उम्मीद थी कि कॉलेज में विकसित किये गये प्रयोगशाला का लाभ उन्हें मिलेगा. लेकिन आज छात्रों में काफी मायूसी है. इंटरमीडिएट व स्नातक के छात्रों तथा पीजी में नामांकित छात्रों को भी प्रयोगशाला का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है. विज्ञान संकाय के छात्रों ने बताया कि नामांकन के बाद उन्हें एक बार भी प्रयोगशाला में जाकर प्रैक्टिकल करने का अवसर नहीं मिल पाया है. कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार प्रयोगशाला के विधिवित संचालन हेतु कोई भी टेक्निशिनिय व सहायक मौजूद नहीं है. जिस कारण सभी सामग्रियां धूल फांक रही है.

कई कॉलेजों में नहीं मौजूद है प्रयोगशाला के उपकरण

जिले के सभी अंगीभूत कॉलेजों में प्रैक्टिकल के लिए प्रयोगशाला तो है लेकिन अधिकतर कॉलेजों में प्रयोग में लायी जाने वाली सामग्रियां व लैब के अन्य उपकरण मौजूद नहीं होते. जिस कारण छात्रों को प्रयोगशाला में जाकर अपने विषय से संबंधित प्रयोग करने में समस्या होती है. कई कॉलेजों में तो परखनली, चम्मच, जलधार चूसन पंप, धवन बोतली, कीप, खरल, रोदनी, ब्यूरेट आदि प्रयोगशाला की सामग्रियों के विषय में छात्र-छात्राएं जानते तक नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ALOK KUMAR

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ALOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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