saran news. बदले मौसम को सेहत पर पड़ा असर, अस्पताल में उमड़े मरीज

Published by : CHANDRASHEKHAR SARAN Updated At : 06 Oct 2025 5:56 PM

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बारिश और बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, खांसी और पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी गयी

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छपरा. जिले में शनिवार को लगातार 24 घंटे हुई बारिश और रविवार की साप्ताहिक बंदी के बाद सोमवार को सदर अस्पताल के ओपीडी विभाग में मरीजों की भारी भीड़ देखी गयी. सुबह से ही अस्पताल के मेडिसिन, शिशु, हड्डी, सर्जरी और महिला रोग विभाग में मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं.

बारिश और बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, खांसी और पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी गयी. ओपीडी में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुबह आठ से ही भीड़ उमड़ पड़ी.

जलजमाव की वजह से बंद थी एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड

बारिश के कारण बीते दो दिनों से अस्पताल परिसर में जलजमाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसके चलते एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड विभाग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था. लेकिन सोमवार को ओपीडी खुलने से पहले अस्पताल प्रशासन ने पूरे परिसर की सफाई कराई. एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड विभागों को पूरी तरह से साफ-सुथरा और दुरुस्त किया गया, ताकि मरीजों को बिना परेशानी के जांच की सुविधा मिल सके. अस्पताल के सफाई इंचार्ज गणेश पाठक ने बताया कि रविवार को सफाई कर्मियों की टीम ने रात तक सफाई अभियान चलाया.

अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन सभी विभागों में पर्याप्त डॉक्टर और दवाइयां उपलब्ध हैं.

दो नये रेडियोलॉजिस्ट और एक एनेस्थीसिया चिकित्सक की हुई तैनाती

सदर अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दो नये रेडियोलॉजिस्ट और एक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तैनाती की है. इसके बाद अब अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जांच में पहले की तुलना में तेजी आयेगी तथा मरीजों को लंबी प्रतीक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा. अस्पताल प्रबंधक ने बताया कि मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट में नया अल्ट्रासाउंड मशीन भी स्थापित कर दिया गया है, जिससे प्रसूति एवं शिशु विभाग से संबंधित जांच अब बेहतर तरीके से हो सकेगी. उन्होंने कहा कि नये रेडियोलॉजिस्ट के आने से जांच कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी. वहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के मिलने से अस्पताल के सर्जिकल और डिलीवरी से जुड़े मामलों में काफी सहूलियत होगी. इससे अब ऑपरेशन थिएटर का संचालन अधिक सुचारू रूप से किया जा सकेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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